4x4 vs AWD: चारों पहियों में पावर फिर भी जमीन-आसमान का अंतर! गाड़ी खरीदने वाले जरूर जानें यह बात

नई गाड़ी खरीदते समय 4x4 और AWD में उलझन आम है। जानिए इन दोनों ड्राइवट्रेन टेक्नोलॉजी का अहम अंतर और कौन सी आपके लिए है बेहतर।

4x4 vs AWD Difference: नयी गाड़ी खरीदते समय अक्सर लोग इसके फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स को लेकर काफी उलझन में रहते हैं. खासकर जब बात गाड़ी के ड्राइवट्रेन यानी '4x4' और 'AWD' की आती है, तो ज्यादातर लोग इन दोनों को एक ही समझ बैठते हैं. हालांकि, दोनों ही तकनीकों में गाड़ी के चारों पहियों को पावर मिलती है, लेकिन इनका काम करने का तरीका और मकसद पूरी तरह अलग होता है. अगर आप भी इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सी तकनीक बेहतर रहेगी, तो इनके बीच का यह बुनियादी और जरूरी फर्क आपको जरूर जान लेना चाहिए.

ड्राइवर का कंट्रोल बनाम कंप्यूटर का दिमाग

इन दोनों तकनीकों में सबसे बड़ा और मुख्य अंतर इस बात का है कि गाड़ी की पावर पर नियंत्रण किसका है. पारंपरिक 4x4 (फोर-व्हील ड्राइव) सिस्टम पूरी तरह से एक मैकेनिकल सेटअप है, जहां ड्राइवर को खुद एक लीवर या बटन के जरिए इस सिस्टम को ऑन करना पड़ता है. इसके विपरीत, AWD (ऑल-व्हील ड्राइव) एक बेहद एडवांस और पूरी तरह से कंप्यूटर-कंट्रोल्ड सिस्टम होता है. इसमें ड्राइवर को कुछ भी करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि गाड़ी का स्मार्ट कंप्यूटर खुद ही सड़क की स्थिति को भांपकर चारों पहियों के बीच जरूरत के मुताबिक पावर सप्लाई को एडजस्ट करता रहता है.

ऑफ-रोडिंग के शौकीनों की पहली पसंद: 4x4

अगर आपका इंटरेस्ट पथरीले रास्तों, गहरे कीचड़, भारी बर्फबारी या ऊंचे पहाड़ों पर गाड़ी दौड़ाने में है, तो 4x4 आपके लिए ही बना है. इस सिस्टम को ऑन करते ही गाड़ी के आगे और पीछे के एक्सल आपस में लॉक हो जाते हैं, जिससे चारों पहियों को बराबर पावर मिलती है और वे एक ही स्पीड से घूमते हैं. इसमें मिलने वाला 'लो रेंज' गियरबॉक्स मुश्किल से मुश्किल हालात से गाड़ी को निकालने के लिए बेजोड़ टॉर्क देता है. हालांकि, इसकी एक बड़ी खामी यह है कि इसे आप सूखी और पक्की सड़क पर नहीं चला सकते, ऐसा करने से गाड़ी के टायर और अंदरूनी पार्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

रोजमर्रा के सफर और सुरक्षा के लिए बेस्ट: AWD

रोज के इस्तेमाल, हाईवे ड्राइविंग और अचानक बदलने वाले मौसम (जैसे तेज बारिश या हल्की बर्फबारी) में AWD सिस्टम एक वरदान की तरह काम करता है. यह तकनीक पक्की और सूखी सड़कों पर तेज रफ्तार में भी पूरी तरह सुरक्षित रहती है क्योंकि इसके पहिए अलग-अलग स्पीड से घूम सकते हैं. जब आप किसी मोड़ पर होते हैं या सड़क पर पानी के कारण गाड़ी फिसलने लगती है, तो इसके सेंसर्स तुरंत एक्टिव हो जाते हैं और जो पहिया सबसे ज्यादा ग्रिप में होता है, उसे ज्यादा पावर भेजकर गाड़ी को संतुलित कर देते हैं. लेकिन ध्यान रहे, इस सिस्टम में इतनी ताकत नहीं होती कि यह आपको चट्टानों या गहरे दलदल से बाहर निकाल सके.

आपके लिए कौन सा रहेगा सबसे मुफीद?

सही विकल्प का चुनाव पूरी तरह से आपके रहने के इलाके और ड्राइविंग स्टाइल पर निर्भर करता है. यदि आप शहर में रहते हैं, रोजाना ऑफिस जाते हैं और आपको केवल बारिश या फिसलन भरी सड़कों पर बेहतर ग्रिप और सेफ्टी चाहिए, तो आपको बिना सोचे AWD गाड़ी की तरफ जाना चाहिए. वहीं दूसरी ओर, अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं, अक्सर जंगलों या बिना सड़क वाले रास्तों पर ट्रैवल करते हैं या भारी सामान लोड करके चढ़ाई चढ़ते हैं, तो एक दमदार 4x4 वाहन ही आपकी जरूरतों को पूरा कर पाएगा.


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लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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