कबाड़ बन चुकी 19 साल पुरानी Maruti Alto बन गई शोरूम जैसी नई, देखें कैसे हुआ इसका कायाकल्प

19 साल पुरानी एक Maruti Alto को पूरी तरह नए अंदाज में तैयार किया गया है. रिस्टोरेशन के दौरान जंग से खराब हो चुकी बॉडी को बदलने से लेकर इंटीरियर, पेंट और सभी जरूरी पार्ट्स पर दोबारा काम किया गया. आइए देखते हैं वीडियो को.

जिंदगी में इंसान चाहे कितनी भी नई कारें खरीद ले, लेकिन अपनी पहली कार से जुड़ा रिश्ता कभी पुराना नहीं पड़ता. यही वजह है कि कई लोग अपनी पहली कार को बेचने के बजाय उस पर लाखों रुपये खर्च करके फिर से नई जैसी बनवाना पसंद करते हैं. हाल ही में एक Maruti Suzuki Alto के मालिक ने भी कुछ ऐसा ही किया. जंग से बुरी तरह खराब हो चुकी बॉडी, पूरी तरह घिसा हुआ इंटीरियर और बदहाल एक्सटीरियर वाली इस Alto को शानदार तरीके से रिस्टोर कराया गया. इतना ही नहीं, इसे Porsche के शानदार रेड रंग में पेंट किया गया. 

देखें वीडियो

इस खास Maruti Suzuki Alto की पूरी रिस्टोरेशन का वीडियो Brotomotiv ने अपने YouTube चैनल पर शेयर किया है. वीडियो की शुरुआत में Brotomotiv के मालिक बताते हैं कि इस Alto से उनके मालिक की खास यादें जुड़ी हैं, क्योंकि यह उनकी पहली कार थी. यही वजह है कि उसने इसे बेचने के बजाय पूरी तरह नया जैसा बनवाने का फैसला किया.

फ्लोरबोर्ड में इतना जंग कि रिपेयर करना पड़ा मुश्किल

कैमरे में कार की मौजूदा हालत दिखाई जाती है. लाइफ ज्यादा होने की वजह से इसकी पेंट पूरी तरह फीकी पड़ चुकी है. दरवाजों और खिड़कियों की सभी रबर सील हार्ड होकर खराब हो चुकी हैं. इतना ही नहीं, जंग की असली हालत जानने के लिए पूरी इंटीरियर को भी खोलने का फैसला किया जाता है. शुरुआत में वर्कशॉप के मालिक को उम्मीद थी कि यह रिस्टोरेशन ज्यादा मुश्किल नहीं होगा. लेकिन जैसे ही कार को पूरी तरह खोलकर सिर्फ मेटल बॉडी तक लाया जाता है, एक बड़ा झटका सामने आता है. 

जांच में पता चलता है कि Alto का लगभग पूरा फ्लोरबोर्ड बुरी तरह जंग खा चुका है. उसकी हालत इतनी खराब है कि उसे ठीक करना बहुत मुश्किल है. वर्कशॉप के मालिक बताते हैं कि चाहें तो इसकी मरम्मत की जा सकती है, लेकिन इसमें इतना ज्यादा खर्च आएगा कि मालिक के लिए इसे बनवाना सही फैसला नहीं होगा.

दो अलग-अलग Alto से बनी एक नई कार

इसके बाद गैराज का मालिक बताता है कि जंग लगे हिस्सों को रिपेयर करवाने का कोई फायदा नहीं है. वहीं नई बॉडी भी बाजार में उपलब्ध नहीं है. ऐसे में वह कार मालिक को सलाह देता है कि इस ऑल्टो की बॉडी को स्क्रैपयार्ड से मिली दूसरी ऑल्टो की बॉडी से बदल दिया जाए. वीडियो में आगे दिखाया गया है कि आखिरकार स्क्रैपयार्ड से पुरानी ऑल्टो की बॉडी खरीद ली जाती है. 

गैराज के मालिक मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि वे इस कार को 'फ्रेंकेंस्टीन' की तरह तैयार कर रहे हैं. यानी दो अलग-अलग कारों के हिस्सों को मिलाकर एक नई कार बनाई जा रही है. इसके बाद सबसे पहले इंजन, सस्पेंशन, चेसिस प्लेट और दूसरे जरूरी स्ट्रक्चरल पार्ट्स को पुरानी बॉडी से निकालकर नई खरीदी गई बॉडी में फिट करने का काम शुरू किया जाता है.

बफिंग-पॉलिशिंग के बाद नई जैसी दिखने लगी Alto

आखिर में इस Alto को नया रंग दिया जाता है. वीडियो में साफ दिखता है कि इसकी रूफ को ब्लैक पेंट किया गया है जो कार को पहले से ज्यादा स्पोर्टी लुक देता है. इसके बाद शुरू होता है फाइनल असेंबली का काम. कार का इंटीरियर लगाया जाता है, दरवाजों में साउंड-डैम्पिंग मटेरियल फिट किया जाता है और हर छोटे-बड़े पार्ट को ध्यान से जोड़ा जाता है. आखिर में कार की बफिंग और पॉलिशिंग की जाती है. वीडियो के अंत में पूरी तरह से रिस्टोर हुई Maruti Suzuki Alto को देखकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि यह वही पुरानी कार है.

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By Ankit Anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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