कोडरमा में तिलोकरी ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना का नहीं मिल रहा है लाभ, 15 करोड़ की लागत से संचालित है ये योजना

प्रखंड के 14 गांवों के लिए तिलोकरी ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना शुरू की गयी थी. इस योजना से प्रखंड के तिलोकरी, बेहराडीह, गढ़वाटांड़, पिपचो, दलदलिया, घाघडीह, बेको, पांडयाडीह, आल्हो, अमजो, मधवाटांड, बाघमारा, रूपायडीह को जोड़ा गया है.

कोडरमा : प्रखंड के 14 गांवों के लिए तिलोकरी ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना शुरू की गयी थी. इस योजना से प्रखंड के तिलोकरी, बेहराडीह, गढ़वाटांड़, पिपचो, दलदलिया, घाघडीह, बेको, पांडयाडीह, आल्हो, अमजो, मधवाटांड, बाघमारा, रूपायडीह को जोड़ा गया है. एसके सिन्हा इंटरप्राइजेज द्वारा 225 लाख लीटर क्षमता वाली जलमीनार पिपचो में बनायी गयी है.

निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यह योजना सफेद हाथी साबित हो रही है. ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है. कभी ट्रांसफार्मर जलने, कभी पाइप क्षतिग्रस्त होने सहित अन्य तकनीकी कारणों से जलापूर्ति आये दिन ठप ही रहती है. अनियमित जलापूर्ति से ग्रामीणों में नाराजगी है. इस पर लोगों ने अपनी-अलग प्रतिक्रिया दी हे.

पाइन लाइन क्षतिग्रस्त होने से ठप है जलापूर्ति : जेई

अनियमित जलापूर्ति के संबंध में पूछे जाने पर विभाग के जेई चंद्रिका राम ने बताया कि गत दिन सड़क निर्माण कार्य में लगी एजेंसी के जेसीबी से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गयी है, जिससे जलापूर्ति ठप है. इससे पहले ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण जलापूर्ति ठप हुई थी. उन्होंने बताया कि इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के एसडीओ से बात हुई है. उन्होंने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की शीघ्र मरम्मत का आश्वासन दिया है. मरम्मत होते ही जलापूर्ति सुचारू कर दी जायेगी. उन्होंने कहा कि कई बार बिजली समस्या के कारण भी जलापूर्ति बाधित होती है.

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By Prabhat khabar news desk

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