देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. दिल्ली-एनसीआर से लेकर, गुजरात, ओडिशा, मध्यप्रदेश समेत दूसरे राज्यों में आम जनजीवन काफी हद तक प्रभावित हो रहा है. दिल्ली-एनसीआर में अगले छह दिनों तक बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है. बिहार, झारखंड समेत पश्चिम बंगाल में 1 सितंबर तक बारिश का अनुमान है. जबकि, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, असम में भी कोरोना संकट के बीच बाढ़ ने नई मुसीबत खड़ी की है.
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घटने लगा यमुना नदी का जलस्तर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर घटने लगा है. रविवार की सुबह जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था. सुबह नौ बजे के करीब पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 203.98 मीटर था. हरियाणा के यमुनानगर में हथनीकुंड बराज से पानी छोड़ने के कारण यमुना के जलस्तर पर असर पड़ा है. इसी बीच मौसम विभाग ने दिल्ली समेत एनसीआर में बारिश का अनुमान जताया है. इसको देखते हुए विशेष एहतियात बरतने के आदेश जारी किए गए हैं.
मध्यप्रदेश में बाढ़ की ‘विनाश’लीला
मध्यप्रदेश में भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ का कहर है. होशंगाबाद में बाढ़ के बीच फंसे लोगों की मदद के लिए सेना बुलानी पड़ी. नर्मदा नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हवाई सर्वे करके बाढ़ से पैदा हुए हालात का जायजा लिया. मंदसौर जिले में शिवना नदी के बढ़ते जलस्तर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. बाढ़ का असर पशुपतिनाथ मंदिर पर भी पड़ा है.
ओडिशा: 14 लाख आबादी प्रभावित
ओडिशा में बाढ़ से 17 लोगों के मौत की खबर है. बाढ़ से 10,382 घरों को नुकसान हुआ है. 14 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. राज्य के 20 जिलों की 3,256 गांवों में बाढ़ का असर है. जबकि, ओडिशा में कटक के नजदीक महानदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. हीराकुंड डैम से पानी छोड़े जाने के कारण लगातार जलस्तर बढ़ रहा है. राज्य में बाढ़ के कारण कई लोगों के घर डूब गए हैं. ओडीआरएएफ की टीम ने बाढ़ में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है.
गुजरात में बढ़ता जा रहा है संकट
गुजरात के भरूच जिले में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. इससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भरूच जिले को अलर्ट किया गया है. राजकोट में भारी बारिश से आजी नदी उफान पर आ चुकी है. गुजरात के बोताद इलाके में घेला नदी का जलस्तर भारी बारिश के कारण लगातार बढ़ रहा है. इसके कारण मंदिर समेत रिहायशी इलाके बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. राज्य में बाढ़ से पैदा हुए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
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असम के 28 जिले बाढ़ से प्रभावित
पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो लगातार बारिश और ब्रह्मपुत्र नदी के साथ उसकी सहायक नदियों के जलस्तर बढ़ने से समूचे असम में तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है. इस साल असम बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बाढ़ के कारण राज्य में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम के 28 जिलों में बाढ़ का कहर है. इस कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. लाखों लोगों ने बाढ़ से बचने के लिए राहत कैंप का सहारा लिया है.
Posted : Abhishek.
