कौन था हेथम तबातबाई? जिसे इजरायली IDF ने बेरूत में मार गिराया

Who was Haytham Tabatabai: इजरायल ने अपने दुश्मनों की लिस्ट में एक और नाम कम करते हुए हैथम अली तबाताबाई को मार गिराया है. उसे लेबनान की राजधानी बेरूत के बीचो-बीच हवाई हमला करते हुए मार गिराया. हिज्बुल्लाह संगठन में उसे नंबर-2 की पोजीशन मिली थी. उसके पास संगठन को मजबूत करने की खास जिम्मेदारी दी गई थी.

Who was Haytham Tabatabai: इजरायल ने लगभग 5 महीने के बाद हिज्बुल्लाह पर एक बार फिर से हमला बोला है. उसने हमास के साथ शांति समझौते के बाद हिज्बुल्लाह पर भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है. रविवार को उसने लेबनान की राजधानी में हमला करके शिया मिलिशिया संगठन हिज्बुल्लाह के एक बड़े नेता को मार गिराया. इजरायल ने अपने दुश्मनों की लिस्ट में एक और नाम कम करते हुए हैथम अली तबाताबाई को मारा. इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने अपने एक बयान में तबाताबाई को ईरान समर्थित उग्रवादी संगठन का चीफ ऑफ स्टाफ बताया, जिसने हिज्बुल्लाह की एलीट रदवान यूनिट का नेतृत्व किया था. यह यूनिट इजरायल पर सीमा पार हमलों की योजना बनाने की जिम्मेदार थी. लेबनान की तरफ से भी इसकी पुष्टि हो गई है. 

कौन था हेथम तबातबाई?

1968 में बेरूत में एक दक्षिण लेबनानी मां और ईरानी पिता के घर जन्मे हेथम तबाताबाई का जन्म हुआ था. वह दक्षिणी लेबनान में पला-बढ़ा और 12 साल की उम्र में ही हिज्बुल्लाह में शामिल हो गया था. 2015 में, इजरायल ने दक्षिणी सीरिया में उन पर हमला कर उनकी हत्या की कोशिश की थी. उस हमले में हिजबुल्लाह कमांडर इमाद मुगनिया के बेटे जिहाद मुगनिया की मौत हो गई थी. 2024 के अंत तक, जब IDF ने समूह के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया, तबाताबाई संगठन के शीर्ष पदों पर पहुंच गए. हसन नसरल्लाह की मौत के बाद उसे हिज्बुल्लाह में नंबर दो नेता माना जाता था.

2016 में अमेरिका ने तबाताबाई को आतंकवादी घोषित किया और उसके बारे में जानकारी देने पर 50 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा की थी. तबाताबाई हिज्बुल्लाह का डिफैक्टो चीफ ऑफ स्टाफ माना जाता था. वह संगठन के महासचिव नईम कासिम के बाद दूसरे नंबर का नेता था. तबातबाई हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमता और हथियार निर्माण का प्रमुख भी था. उसके ऊपर केवर इजरायल ही नहीं दूसरे देशों में भी युद्ध अपराध करने का आरोप है. सीरिया में हिज्बुल्लाह की सैन्य गतिविधियों को मजबूत करना, यमन में हूथी विद्रोहियों को समर्थन देना और उसके लड़ाकों को ट्रेन करने का भी उसके आरोप है. 

इजरायल ने हिज्बुल्लाह की कमर तोड़ने के लिए उसके बड़े नेताओं को निशाना बनाते हुए कई हमले किए हैं. IDF ने हसन नसरल्लाह के बाद संगठन के बड़े नेता इब्राहिम अकील को मार गिराया था. अकील के बाद हैथम ही रिदवान यूनिट को मजबूत करने का काम कर रहा था, इसलिए इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने उसे निशाना बनाया है. वह लेबनान में हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमता को भी मजबूत कर रहा था. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि IDF ने बेरूत के बीचों-बीच हमला किया और तबाताबाई को निशाना बनाया, जो संगठन के पुनर्निर्माण और हथियारों के भंडार को बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रहे था.

हिज्बुल्लाह ने की पुष्टि

हिज्बुल्लाह ने अपने शीर्ष नेताओं में से एक पर हमले की पुष्टि की. उसने एक वीडियो जारी करते हुए तबातबाई को श्रद्धांजलि. इसमें उसकी कुछ पुरानी वीडियोज हैं, साथ ही उसका मैसेज भी जारी किया गया है. एएफपी के मुताबिक, हिज्बुल्लाह अधिकारी महमूद कोमाती ने कहा, “यह हमला स्पष्ट रूप से प्रतिरोध के एक अहम… नेता को निशाना बनाकर किया गया है, और परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हैं.” उन्होंने कहा कि यह हमला “एक नई लाल रेखा को पार करता है.”

इजरायल ने हमास के साथ ही हिज्बुल्लाह को बनाया निशाना

लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमले में पाँच लोगों की मौत हो गई और कम से कम 28 लोग घायल हुए. हमले से एक अपार्टमेंट बिल्डिंग की दीवार में बड़ा गड्ढा हो गया और मलबा दक्षिणी बेरूत के भीड़भाड़ वाले इलाके में फैल गया. IDF ने पुष्टि की कि उसने बेरूत में हिज्बुल्लाह के एक मुख्य उग्रवादी पर सटीक हमला किया. राजधानी के दक्षिणी हिस्से में हुआ यह हमला 5 जून के बाद पहला था, जब इजरायल ने हिज्बुल्लाह के ड्रोन फैक्टरी पर हमला करने का दावा किया था.

हिज्बुल्लाह 2023 के अक्टूबर में गाजा में हमास के समर्थन में इजरायल के साथ भिड़ंत में उलझ गया था. सीमा पार गोलीबारी पहले हुई और बाद में यह दो महीने की भीषण लड़ाई में बदल गई, जिसने संगठन को काफी कमजोर कर दिया. नवंबर 2024 में हुई संघर्षविराम के बाद से, इजरायल लगभग रोजाना लेबनान में हमले कर रहा है. अधिकतर हमले दक्षिण और पूर्वी क्षेत्रों में किए जाते हैं, जिनमें IDF का दावा होता है कि वे हिज्बुल्लाह के लड़ाकों को निशाना बना रहे हैं.

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