Volcanoes Active: दुनिया के छह देशों में ज्वालामुखीय गतिविधियों ने हलचल बढ़ा दी है. मैक्सिको से राख-गैस, इटली में विस्फोट और लावा, जापान में राख-धुआं, ग्वाटेमाला में तेज विस्फोट, इंडोनेशिया में लावा प्रवाह और कोलंबिया में बढ़ी गतिविधि की खबरें सामने आई हैं. लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इसे किसी एक वैश्विक भूगर्भीय घटना का संकेत मानना जल्दबाजी होगी. हर ज्वालामुखी की अपनी मैग्मा और गैस प्रणाली होती है.
वैज्ञानिक रख रहे इस पर पैनी नजर
सक्रिय ज्वालामुखियों की खतरा उनकी संख्या से ज्यादा उनकी स्थानीय तीव्रता पर निर्भर करता है. राख से सांस और उड़ानों पर असर पड़ सकता है. लावा से बस्तियों को नुकसान और पायरोक्लास्टिक, प्रवाह से जान-माल का गंभीर खतरा हो सकता है. इसलिए निगरानी और स्थानीय अलर्ट सबसे अहम हैं. फिलहाल वैज्ञानिक हर ज्वालामुखी को अलग-अलग देख रहे हैं. जिसमें राख कितनी दूर तक जा रही है, लावा कितना निकल रहा है, जमीन के अंदर कितनी हलचल हो रही है, इन सभी चीजों पर नजर रखी जा रही है.
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कहां-कहां एक्टिव हैं ज्वालामुखी
मैक्सिको के पीपीकाटेपेटल ज्वालामुखी में राख और गैस, कोलंबिया के पुरासे ज्वालामुखी में राख व बढ़ी गतिविधि हो रही है. वहीं, इटली के एटना/स्ट्रॉम्बोली ज्वालामुखी में लावा व विसकोट और जापान के सकुराजिमा ज्वालामुखी में राख व धुंआ फैला है. इसके अलावा ग्वाटेमाला के फुएगो ज्वालामुखी में तेज विस्फोट के कारण यहां ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं, इंडोनेशिया में सक्रिय ज्वालामुखियों में लावा-विस्फोट हो रहा है.
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दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है एटना
एटना इटली के सिसिली द्वीप के पूर्वी तट पर स्थित है और यूरोप का सबसे ऊंचा और दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है, जो हाल ही में नये वेट खुलने और लावा के प्रवाह के साथ फिर से सक्रिय हो गया है.
