Putin Xi Jinping Meeting: दुनिया आ रही लाल सलाम के नीचे ? जानें दो ताकतवर कम्यूनिस्ट देश क्या कह रहे

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शांघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) की आठ देशों की बैठक से इतर उज्बेकिस्तान में मुलाकात की. जिसमें दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई.

रूस-यूक्रेन युद्ध के 200 दिन से अधिक समय गुजर जाने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping ) के बीच उज्बेकिस्तान में मुलाकात हुई. दोनों शक्तिशाली देशों के बीच हुई बैठक पर दुनियाभर की नजर है.

रूस-चीन से आपसी संबंध मजबूत बनाने पर दिया जोर

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शांघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) की आठ देशों की बैठक से इतर उज्बेकिस्तान में मुलाकात की. जिसमें दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई. रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में यूक्रेन के धीरे-धीरे मजबूत होने की पृष्ठभूमि में दोनों नेताओं की मुलाकात बेहद खास है.

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अमेरिका के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर किया गया एससीओ का गठन

शांघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) का गठन अमेरिका के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर किया गया है जिसमें भारत, पाकिस्तान और मध्य एशिया में पूर्व सोवियत संघ के चार देश शामिल हैं. एससीओ की बैठक में यूक्रेन पर रूस के हमले के अलावा उज्बेकिस्तान के पड़ोसियों आर्मेनिया और आजरबैजान के बीच तनाव और तकनीक, सुरक्षा तथा सीमा के मुद्दों को लेकर चीन के साथ अमेरिका, यूरोप, जापान और भारत के संबंधों में आए तनाव पर भी चर्चा हुई.

शी ने की अमेरिका की बड़ी आलोचना

शी जिनपिंग के साथ अपनी बैठक से पहले व्लादिमीर पुतिन ने कड़े शब्दों में अमेरिका की आलोचना करते हुए यूक्रेन मुद्दे को अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा अपना वैश्विक दबदबा बनाए रखने का खराब प्रयास बताया. रूस के राष्ट्रपति ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा, एकध्रुवीय विश्व बनाने के प्रयास ने हाल ही में बड़ा भद्दा रूप ले लिया है. दुनिया के ज्यादातर देशों को यह बिलकुल स्वीकार्य नहीं है.

कोरोना संकट के बाद शी जिनपिंग की पहली विदेश यात्रा

शी ने कहा- चीन, जिम्मेदार वैश्विक शक्ति का उदाहरण पेश करने और तेजी से बदलती दुनिया को समावेशी तथा सकारात्मक विकास की ओर ले जाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने को तैयार है. प्राचीन शहर समरकंद में एससीओ का सम्मेलन करीब ढाई साल पहले शुरू हुए कोरोना संकट के बाद राष्ट्रपति शी की पहली विदेश यात्रा है. इससे स्पष्ट है कि चीन स्वयं को क्षेत्रीय शक्ति के रूप में पेश करना चाहता है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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