अमेरिका ने सोमवार (20 जुलाई) तड़के लगातार नौवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए. अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया है. उधर, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुली जंग के करीब पहुंच गया है. पिछले महीने हुआ युद्धविराम समझौता टूटने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं. इसका असर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट पर भी पड़ा है, जहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है.
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज समेत कई इलाकों पर हवाई हमले किए. वहीं, ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी शहर चाबहार में भी कई जोरदार धमाके हुए. इसके बाद किसी भी नए हमले से निपटने के लिए कोनारक इलाके में ईरान ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय कर दिया.
ईरान ने जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागीं
हालात तब और बिगड़ गए जब रविवार को अमेरिका ने बताया कि एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है. इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान पर फिर हवाई हमले किए. वहीं, ईरान ने जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे यह डर और बढ़ गया कि यह लड़ाई अब दूसरे देशों तक भी फैल सकती है. इजराइल भी इसकी चपेट में आ सकता है.
CENTCOM ने क्या बताया हमले को लेकर?
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार तड़के ईरान पर नए हवाई हमलों की जानकारी दी. वहीं, ईरान में मौजूद लोगों ने बताया कि स्थानीय समय के मुताबिक रात करीब 2:30 बजे कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. अमेरिकी सेना का कहना है कि ये हमले ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल कमर्शियल से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों के जहाजों पर हमले करने में किया जाता है.
इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत
अमेरिकी सेना ने बताया कि शनिवार (18 जुलाई) को इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई. सेना के मुताबिक, एक ईरानी ड्रोन को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के दौरान यह हादसा हुआ. इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए थे. सेना ने यह भी बताया कि एक लापता सैनिक के कुछ अवशेष (शव के कुछ हिस्से) रविवार (19 जुलाई) को मिले हैं, जिनकी पहचान की जा रही है. इस युद्ध की शुरुआत से अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है.
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अमेरिका के निशाने पर क्या-क्या?
अमेरिका और ईरान के बीच हमले अब दूसरे हफ्ते में पहुंच गए हैं. अमेरिका लगातार ईरान के पुलों, पानी साफ करने वाले संयंत्रों और बिजली से जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहा है. वहीं, ईरान भी अमेरिका के सहयोगी देशों पर जवाबी हमले कर रहा है. ईरानी ड्रोन और मिसाइलों के खतरे को देखते हुए कुवैत, जॉर्डन और बहरीन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं. उधर, इजराइल ने चेतावनी दी है कि जॉर्डन की ओर दागी गई मिसाइलों से पहली बार उसके इलाके में भी आग और नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है.
