US Iran Truce Deal: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने पोस्ट में लिखा- हम शांति समझौते के पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं. अगले 24 घंटों में इसके फाइनल होने की उम्मीद है, जिसके तुरंत बाद पाकिस्तान शांति समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रहा है और उसके बाद अगले हफ्ते टेक्निकल लेवल पर बातचीत होगी. उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा- हम बातचीत के दौरान लगातार सहयोग के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का धन्यवाद करना चाहते हैं, और इस क्षेत्र में अपने भाइयों के समर्थन के लिए हम उनका दिल से आभार व्यक्त करते हैं. हमें पूरा भरोसा है कि यह ऐतिहासिक शांति समझौता स्थायी शांति के लिए एक मजबूत आधार बनेगा.
सीजफायर पर ईरान और अमेरिका की ओर से कोई संकेत नहीं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था, इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर इस तरह की सहमति पूर्व में कभी नहीं बनी. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, समझौते को अंतिम रूप दिए जाने तक मीडिया को इसके बारे में अटकलें लगाने से बचना चाहिए. हमारी जिम्मेदार और पारदर्शी नीति के अनुरूप सभी जानकारी उचित समय पर जनता के साथ साझा की जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अराघची की पोस्ट को अपने सोशल मीडिया पर साझा किया, लेकिन समझौते के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का भी आया बयान सामने
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को खत्म करने संबंधी संभावित समझौते के बारे में कई तरह की गलत जानकारी फैलाई जा रही है. वेंस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ईरानियों को किसी समझौते पर हस्ताक्षर करने या बैठक में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का कोई धन या निधि जारी नहीं की जा रही. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था को अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार किया गया था और ईरान को आर्थिक फायदा तभी मिलेगा जब वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेगा.
इशाक डार ने स्विस विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस से की बात
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने X पर एक पोस्ट में कहा, उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार ने आज स्विस विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस से बात की. अमेरिका और ईरान के बीच आपसी समझ की दिशा में हो रही उत्साहजनक प्रगति का स्वागत करते हुए, उन्होंने आशा व्यक्त की कि चल रहे प्रयास जल्द ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने में योगदान देंगे. दोनों पक्ष घनिष्ठ संपर्क में रहने पर सहमत हुए.
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