US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच रिश्तों की जमी बर्फ पिघलने के संकेत मिल रहे हैं. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जॉर्जिया यूनिवर्सिटी में ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ इवेंट के दौरान बताया कि इस्लामाबाद में हुई पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रहने की बड़ी वजह दोनों देशों के बीच सालों पुराना अविश्वास है. वेंस ने कहा कि लगभग 49 सालों से दोनों देशों के बीच हाई-लेबल की कोई बातचीत नहीं हुई थी, इसलिए रातों-रात सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है.
49 साल बाद पहली बार आमने-सामने हुई बड़ी मुलाकात
जेडी वेंस ने इस मीटिंग को ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने कहा कि पिछले 49 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ जब ईरान को चलाने वाले मुख्य लोग और अमेरिका के उपराष्ट्रपति एक साथ मेज पर बैठे हों. वेंस के मुताबिक, चाहे रिपब्लिकन सरकार रही हो या डेमोक्रेट, इस स्तर की बातचीत पहले कभी नहीं हुई. उन्होंने साफ किया कि भले ही पहली बार में कोई फाइनल डील न हुई हो, लेकिन सीधी बातचीत शुरू होना ही अपने आप में एक बड़ा कदम है.
डोनाल्ड ट्रंप ने दिया ‘गुड फेथ’ में बातचीत का निर्देश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टीम को पूरी ईमानदारी (गुड फेथ) के साथ बातचीत करने के निर्देश दिए थे. वेंस ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी समझौता करने का इच्छुक लग रहा था. उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिकी टीम आगे भी इसी ईमानदारी के साथ बातचीत जारी रखेगी. यह कोशिश पश्चिम एशिया में चल रही जंग और तनाव को पूरी तरह खत्म करने के लिए की जा रही है.
इस्लामाबाद में फिर हो सकती है दूसरी मीटिंग
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अब ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी कर रहा है. सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह मीटिंग भी पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है. इस बार भी अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व जेडी वेंस ही कर सकते हैं. अमेरिकी अधिकारी इस समय दूसरे दौर की बारीकियों पर चर्चा कर रहे हैं, हालांकि अभी इसकी तारीख तय नहीं हुई है.
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ट्रंप की स्पेशल टीम को मिली बड़ी जिम्मेदारी
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कूटनीतिक रास्ते को खोजने के लिए अपने तीन सबसे भरोसेमंद सलाहकारों पर दांव लगाया है. इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं. सीएनएन की रिपोर्ट कहती है कि ये तीनों अधिकारी पहली 21 घंटे लंबी चली मैराथन बैठक के बाद से ही ईरानी अफसरों और बिचौलियों के संपर्क में हैं. इनका मुख्य मकसद किसी भी तरह एक ठोस समझौते तक पहुंचना है.
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