US-Iran में सुलह कराएगा पाकिस्तान? तेहरान पहुंचे आर्मी चीफ मुनीर, 21 अप्रैल को खत्म होगा सीजफायर

US-Iran Peace Talks: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान एक्टिव हो गया है. आर्मी चीफ आसीम मुनीर तेहरान पहुंचे हैं, वहीं पीएम शहबाज शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस से मुलाकात कर शांति प्रयासों पर चर्चा की. इधर, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी 21 अप्रैल को खत्म हो रहे सीजफायर के बीच सकारात्मक संकेत दिए हैं.

US-Iran Peace Talks: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी को कम करने के लिए पाकिस्तान अब बीच-बचाव (मिडिएटर) की भूमिका निभा रहा है. इसी सिलसिले में बुधवार को पाकिस्तानी सेना के चीफ फील्ड मार्शल आसीम मुनीर एक हाई-लेवल डेलिगेशन के साथ तेहरान पहुंचे. वहां ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उनका स्वागत किया. यह मुलाकात ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले दूसरे दौर की बातचीत को सफल बनाने के लिए की गई है.

शांति के लिए पाकिस्तान की पहल

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत की मेजबानी करके पाकिस्तान ने पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अराघची के मुताबिक, यह कोशिश दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को दिखाती है और दोनों ही देश इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहते हैं.

ट्रंप: सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं 

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर कड़े नजर आ रहे हैं. एबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ चल रहे कमजोर सीजफायर (युद्धविराम) को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं. यह सीजफायर 21 अप्रैल को खत्म होने वाला है. हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि शायद इसे आगे बढ़ाने की जरूरत ही न पड़े, क्योंकि अगले कुछ दिनों में होने वाले दूसरे दौर के नेगोशिएशन (बातचीत) में कुछ बड़ा और सकारात्मक नतीजा निकल सकता है.

सऊदी अरब के साथ शहबाज शरीफ की मीटिंग

एक तरफ आर्मी चीफ ईरान में थे, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी इस मामले में काफी एक्टिव हैं. वह बुधवार (15 अप्रैल) को सऊदी अरब के जेद्दा पहुंचे और वहां क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की. शहबाज शरीफ ने क्राउन प्रिंस को बताया कि पाकिस्तान की कोशिशों की वजह से ही अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर मुमकिन हो पाया है. उन्होंने इस्लामाबाद में हुई शुरुआती बातचीत को ‘ऐतिहासिक’ बताया और कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक परमानेंट एग्रीमेंट हो जाए ताकि इलाके में शांति बनी रहे.

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हाल के हफ्तों में पाकिस्तान खुद को एक बड़े मीडिएटर के रूप में पेश कर रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को कम करने के लिए शुरुआती बातचीत इस्लामाबाद में ही आयोजित की गई थी. अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले दूसरे दौर की चर्चा पर टिकी हैं, क्योंकि इसी से तय होगा कि पश्चिम एशिया में जंग पूरी तरह खत्म होगी या तनाव और बढ़ेगा.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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