US-Iran Peace Talks: लेविट के मुताबिक, कई देशों ने मदद की पेशकश की थी, लेकिन वाशिंगटन ने इस्लामाबाद के जरिए ही संपर्क बनाए रखना बेहतर समझा. इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे हैं. रिपोर्ट्स बताती हैं कि वे अपने साथ अमेरिका का एक नया प्रस्ताव लेकर गए हैं, ताकि रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू किया जा सके. उनकी मुलाकात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से हुई है.
क्यों नहीं निकला पिछली बातचीत का नतीजा?
पिछले हफ्ते 11-12 अप्रैल को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी अधिकारियों के बीच करीब 21 घंटे तक सीधी बातचीत चली थी. रॉयटर्स और एएफपी की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बातचीत बेनतीजा रही क्योंकि दोनों देश ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम जैसे ‘रेड लाइन’ मुद्दों पर सहमत नहीं थे. अमेरिका की दो बड़ी शर्तें हैं: ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) का भंडार खत्म करे और भविष्य में न्यूक्लियर हथियार न बनाने की सख्त जांच के लिए तैयार हो.
ट्रंप ने दिए जल्द समझौते के संकेत
न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगले दो दिनों में कुछ बड़ा हो सकता है. उन्होंने संकेत दिया कि वह मौजूदा सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि एक पक्का समझौता चाहते हैं. वहीं, खाड़ी देशों और ईरान के अधिकारियों ने भी रॉयटर्स को बताया कि बातचीत की टीमें इस हफ्ते के अंत तक फिर से पाकिस्तान लौट सकती हैं, हालांकि अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है.
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युद्ध और तनाव के बीच कूटनीति
यह पूरी कूटनीतिक कोशिश पिछले पांच हफ्तों से चल रहे अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध को रोकने के लिए हो रही है. फिलहाल दो हफ्ते का अस्थाई सीजफायर चल रहा है, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ है. अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) की घेराबंदी करने की चेतावनी भी दी है. ऐसे में पाकिस्तान में होने वाली यह संभावित बैठक वेस्ट एशिया में शांति के लिए आखिरी उम्मीद मानी जा रही है.
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