अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट ने ईरान में परमाणु हथियार विकसित करने खुलासा किया है. अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया गया है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की तुलना में परमाणु हथियार विकसित करने के प्रति अधिक सकारात्मक रुख रखते हैं. रिपोर्ट के अनुसार यह आकलन युद्ध शुरू होने से पहले जुटाई गई खुफिया जानकारी और इंटरसेप्ट किए गए संचार पर आधारित है.
अली खामेनेई के बाद बदली रणनीति?
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके बाद ईरान की रणनीति में बदलाव की आशंका जताई जा रही है. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह निष्कर्ष नई खुफिया जानकारी पर नहीं, बल्कि पहले से उपलब्ध सूचनाओं के विश्लेषण पर आधारित है. पश्चिमी देशों का लंबे समय से मानना रहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों तक सीमित नहीं है.
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज को नतांज के पास स्थित अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत परिसर 'पिकऐक्स माउंटेन' में स्थानांतरित कर दिया है. बताया गया है कि यह सुविधा इतनी गहराई में बनी है . उस पर हवाई हमलों का असर बेहद सीमित हो सकता है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को अब तक इस परिसर तक पहुंच नहीं दी गई है.
ईरान ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
ईरान ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी सभी परमाणु गतिविधियां IAEA के सुरक्षा नियमों के अनुरूप घोषित की गई हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन कर रहा है. वहीं IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी पहले भी संकेत दे चुके हैं कि ईरान ने 2021 से इस भूमिगत स्थल पर परमाणु गतिविधियां संचालित करने की योजना की जानकारी दी थी.
बढ़ता तनाव, दुनिया की बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता और गहरी हो गई है. IAEA के आंकड़ों के मुताबिक, हालिया संघर्ष से पहले ईरान के पास 60 प्रतिशत तक संवर्धित 440 किलोग्राम से अधिक यूरेनियम मौजूद था, जिसे आगे संसाधित कर हथियार-ग्रेड सामग्री में बदला जा सकता है. हालांकि ईरान लगातार दोहराता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन नई खुफिया रिपोर्टों ने वैश्विक स्तर पर नई बहस और चिंता को जन्म दे दिया है.
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