US-Iran War : अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के दक्षिणी होरमुजगान इलाके में जोरदार हवाई हमले किए. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बंदर खमीर शहर में हुए हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है. सोशल मीडिया पर आए वीडियो में भी कई पुल पूरी तरह ध्वस्त दिखाई दे रहे हैं. अमेरिका के इस हमले से होर्मुज की जंग और भड़क गई है.
रणनीतिक पुलों और बंदरगाहों को बनाया निशाना
अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का मुख्य निशाना बंदर अब्बास को ईरान के अंदरूनी हिस्सों से जोड़ने वाले सड़क और रेलवे पुल थे. इन पुलों के क्षतिग्रस्त होने से ईरान के सबसे बड़े समुद्री बंदरगाह तक पहुंच प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा, चाबहार बंदरगाह पर भी हमले किए गए, जहां एक कंट्रोल टावर के ढहने की खबर है. ईरान का कहना है कि यह टावर बंदरगाह के व्यावसायिक यातायात की निगरानी करता था.
सेंटकॉम का दावा- दर्जनों ठिकानों पर कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि शुक्रवार सुबह तक चले अभियान में ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह लगातार छठी रात थी जब अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान को चेतावनी दे चुके थे कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दबाव बनाना जारी रखता है, तो उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा.
ईरान का पलटवार, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सहयोगी देशों की ओर मिसाइलें दागीं. कुवैत में एक बिजली और समुद्री जल को मीठा बनाने वाले संयंत्र को नुकसान पहुंचने की खबर है. उधर, कतर और जॉर्डन ने भी ईरान पर मिसाइल हमले किए. लेकिन ईरान द्वारा उन्हें रोकने की पुष्टि की है. वहीं, उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. एक हमले में ईरानी कुर्द संगठन कोमाला के कई सदस्यों के मारे जाने की खबर है.
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना सबसे बड़ा रणक्षेत्र
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अस्थायी सीजफायर 8 जुलाई को पूरी तरह टूट चुका है. इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमलों से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरानी अधिकारियों का दावा है कि हालिया अमेरिकी हमलों में दर्जनों लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार की चिंता बढ़ा दी है. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाल सकता है.
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