US Airstrike Chabahar: ईरान के चाबहार फ्री ट्रेड जोन के पास एक पहाड़ी इलाके में अमेरिकी फाइटर जेट्स द्वारा हमले की रिपोर्ट सामने आई है. अल जजीरा कि एक रिपोर्ट के अनुसार, इस इलाके में मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिसके बाद वहां तेज धमाकों की आवाज सुनी गई. फिलहाल, हमले के बाद की स्थिति और नुकसान को लेकर पूरी जानकारी का इंतजार किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें एक अमेरिकी जेट को ट्रेड जन के ऊपर उड़ते हुए दिखाया गया है, हालांकि इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
भारत के लिए क्यों अहम है यह इलाका?
चाबहार फ्री ट्रेड जोन ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से (सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत) में स्थित है और पाकिस्तान की सीमा के करीब है. भारत के लिए यह जगह काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां बन रहा चाबहार पोर्ट भारत को एक वैकल्पिक रास्ता देता है. इसके जरिए भारतीय सामान अफगानिस्तान और मध्य एशिया के देशों तक आसानी से पहुंचता है, जो कि व्यापार के नजरिए से भारत के लिए एक बड़ा रूट है.
चाबहार पोर्ट सिर्फ एक व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि भारत की विदेश नीति और आर्थिक भविष्य की एक बड़ी नींव है. साल 2003 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट भारत को पाकिस्तान से होकर जाने वाली मुश्किलों से बचाता है. इसके जरिए भारत का सामान आसानी से अफगानिस्तान और मध्य एशिया के देशों तक पहुंचता है. 2024 में भारत ने शहीद बेहेश्ती टर्मिनल के लिए 10 साल का एक बड़ा समझौता किया है, जिसमें भारतीय कंपनी IPGL करीब 370 मिलियन डॉलर का निवेश कर रही है. भारत का लक्ष्य 2034 तक 15 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनना है, जिसके लिए सुरक्षित व्यापारिक रास्ते और विदेशी निवेश बेहद जरूरी हैं. साथ ही, यह बंदरगाह अफगानिस्तान में मानवीय मदद भेजने का भी मुख्य जरिया है.
ईरान-अमेरिका जंग: तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग अब तीसरे हफ्ते में पंहुँच गई है. इस संघर्ष का सीधा असर तेल की सप्लाई पर पड़ा है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर निकल गई हैं. स्थिति को काबू में करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अन्य देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ईरान पर दबाव बनाने के लिए खार्क द्वीप (Kharg Island) को अपने कब्जे में लेने पर भी विचार कर रहा है, जो ईरान के तेल नेटवर्क का सबसे अहम हिस्सा है.
ये भी पढ़ें: अमेरिका के सरकारी आयोग ने ट्रंप प्रशासन से की सिफारिश, RSS और RAW पर लगाएं प्रतिबंध
ऊर्जा ठिकानों पर हमले की चेतावनी
अमेरिका ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले व्यापार में बाधा डालना बंद नहीं किया, तो अमेरिकी हमले और भी व्यापक हो सकते हैं, जिसमें ईरान के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा. 28 फरवरी से शुरू हुए सैन्य ऑपरेशनों के बाद से यह जलमार्ग लगभग बंद पड़ा है. दूसरी ओर, खाड़ी देशों में तनाव इतना बढ़ गया है कि दुबई एयरपोर्ट के पास भी एक हमले की खबर सामने आई है. फिलहाल, दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और गहराता जा रहा है.
ये भी पढ़ें: US हमले में परमाणु ठिकाने बर्बाद, मलबे में दफन है यूरेनियम… ईरानी विदेश मंत्री का नया खुलासा
