पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को UNSC ने घोषित किया ग्लोबल टेररिस्ट, हाफिज से है रिश्ता

भारत ने पिछले साल आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए यूएन में एक प्रस्ताव लाया था. हालांकि भारत के इस प्रस्ताव पर चीन ने अड़ंगा लगा दिया था. जिसपर भारत ने ड्रैगन की जमकर आलोचना की थी.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकी घोषित किया है. UNSC ने 1267 आईएसआईएल और अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत मक्की को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया.

भारत मक्की को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए यूएन में लाया था प्रस्ताव

भारत ने पिछले साल आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए यूएन में एक प्रस्ताव लाया था. हालांकि भारत के इस प्रस्ताव पर चीन ने अड़ंगा लगा दिया था. जिसपर भारत ने ड्रैगन की जमकर आलोचना की थी.

भारत और अमेरिका ने पहले ही मक्की को घोषित किया है आतंकी

UNSC द्वारा ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किये जाने से पहले ही भारत और अमेरिका ने मक्की को आतंकी घोषित कर दिया था. ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किये जाने के बाद मक्की अब धन का इस्तेमाल नहीं कर सकता है. साथ ही हथियारों की खरीद नहीं कर सकता है. उसकी यात्रा पर भी प्रतिबंध रहेगा.

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हाफिज सईद का साला है अब्दुल रहमान मक्की

अब्दुल रहमान मक्की मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और लश्कर प्रमुख हाफिज सईद का साला है. मक्की का कई आतंकी घटनाओं में हाथ रहा है. भारत में आतंकी घटना को अंजाम देने में उसकी भूमिका अहम रही है. मक्की भी टेरर फंड इकट्ठा करने और युवाओं को आतंकवादी घटना को अंजाम देने के लिए उकसाने का भी आरोप है. मक्की 2010 में भारत के खिलाफ जहर उगने और बयान देने के लिए सुर्खियों में आया था. उसने पुणे सहित भारत के तीन शहरों में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की धमकी दी थी.

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आतंकवाद वित्तपोषण के मामले में मक्की को जेल की सजा

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, 2020 में, एक पाकिस्तानी आतंकवाद-रोधी अदालत ने आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में मक्की को दोषी ठहराया और उसे जेल की सजा सुनाई.

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Published by: Arbindkumar mishra

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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