Russia-Ukraine War : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शनिवार तड़के यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों पर ड्रोन हमले किए. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि ये ठिकाने रूस के ड्रोन निर्माण और नेविगेशन उपकरणों के लिए प्रतिबंधित पुर्जों की आपूर्ति में इस्तेमाल किए जा रहे थे. इन ठिकानों की दूरी युद्ध मोर्चे से 500 से 700 किलोमीटर तक बताई गई है.मॉस्को से दक्षिण-पूर्व स्थित तांबोव क्षेत्र के कोटोव्स्क शहर में एक लॉजिस्टिक्स सेंटर पर हुए ड्रोन हमले में 7 कर्मचारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
ऑयल डिपो भी निशाने पर, क्रीमिया तक कार्रवाई
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने सिर्फ मॉस्को क्षेत्र ही नहीं, बल्कि आजोव सागर, काला सागर और रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में भी कई अहम सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया. उन्होंने इस अभियान को यूक्रेन के नागरिक इलाकों पर रूसी हमलों का जवाब बताया. जेलेंस्की ने ड्रोन फोर्स, स्पेशल ऑपरेशन फोर्स, सेना, सुरक्षा एजेंसी और खुफिया विभाग की संयुक्त कार्रवाई की सराहना की.
रूस में भारी नुकसान, 7 की मौत और 50 से ज्यादा घायल
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ड्रोन हमलों में रूस के तांबोव क्षेत्र के कोटोव्स्क स्थित वाइल्डबेरीज वेयरहाउस पर हमला हुआ, जिसमें 7 कर्मचारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए. मॉस्को के पास इलेक्ट्रोस्टाल में स्थित दूसरे वेयरहाउस पर भी हमला हुआ. रूसी अधिकारियों का दावा है कि एयर डिफेंस ने कई ड्रोन मार गिराए, जिससे भारी नुकसान होने की स्थिति टल गई.
अब लंबी जंग की तैयारी, हथियार बढ़ाने पर जोर
हमलों के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सेना के शीर्ष कमांडरों के साथ बैठक कर स्लोवियांस्क, पोक्रोव्स्क, खार्किव और अन्य मोर्चों की समीक्षा की. उन्होंने 155 मिमी लंबी दूरी के गोले, मिड-रेंज स्ट्राइक सिस्टम और मानव रहित जमीनी वाहनों (UGV) की आपूर्ति बढ़ाने पर जोर दिया. यूक्रेन का कहना है कि वह रूसी सैन्य ठिकानों, ऊर्जा केंद्रों और लॉजिस्टिक नेटवर्क पर हमले तेज कर रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है.
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