Death Penalty in China: चीन की शी जिनपिंग सरकार ने अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. दोनों पूर्व रक्षा मंत्रियों- वी फेंघे और ली शांगफू को गुरुवार को मौत की सजा सुनाई गई है. इन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाया गया था, जिसके बाद दो साल की राहत के साथ मौत की सजा मिली है. यह कार्रवाई चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आदेश पर हुई है. चीन की सरकारी मीडिया शिन्हुआ के अनुसार चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें अलग-अलग सजा दी है.
अदालत ने ठहराया रिश्वत का दोषी
एजेंसी शिन्हुआ ने कोर्ट के फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि फेंघे को रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराया गया, वहीं शांगफू को रिश्वत लेने और देने दोनों के मामले में गुनहगार करार दिया गया है.
साल 2024 में किया गया था कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित
फेंघे और उनके बाद रक्षा मंत्री बने शांगफू को 2024 में कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. दोनों ने राष्ट्रपति शी चिनपिंग की सरकार में काम किया था. वे चिनपिंग की अध्यक्षता वाले केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य भी रहे थे.
2018 से 2023 तक रक्षा मंत्री थे फेंघे
फेंघे साल 2018 से 2023 तक रक्षा मंत्री रहे थे. जबकि, शांगफू ने उनके उत्तराधिकारी के रूप में कुछ ही महीने यह प्रभार संभाला था. चीन के एयरोस्पेस इंजीनियर फेंघे और शांगफू दोनों ने साल 2015 में स्थापित पीपल्स लिबरेशन आर्मी की अति महत्वपूर्ण रॉकेट (मिसाइल) फोर्स का नेतृत्व किया था.
शी जिनपिंग ने खुद बनाया था फेंघे को रक्षामंत्री
फेंघे को रक्षा मंत्री पद के लिए शी चिनपिंग ने खुद चुना था. उन्हें निष्कासित किए जाने के बाद कई शीर्ष अधिकारियों को भी पद से हटाया गया और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप दर्ज किए गए.
10 लाख से अधिक अधिकारियों को सुनाई गई है सजा
राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने साल 2012 में सत्ता में आने के बाद से भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति चलाई है. इस अभियान के तहत कई सैन्य जनरल समेत दस लाख से अधिक अधिकारियों को सजा सुनाई जा चुकी है. (इनपुट भाषा)
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