अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान के साथ चल रही जंग अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के तुरंत बाद खत्म हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी.
युद्ध खत्म होगा तो तेल की कीमत तेजी से नीचे आएंगी
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक ट्रंप ने शनिवार को आयरलैंड में पत्रकारों से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान ज्यादा समय तक युद्ध जारी नहीं रख पाएगा. उनके मुताबिक, ईरान चुनाव को प्रभावित करने के लिए संघर्ष को ज्यादा लंबा खींचने की कोशिश कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि जब युद्ध खत्म होगा, तो तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी.
तेल की कीमतों पर क्यों बढ़ा दबाव?
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का सीधा असर वैश्विक तेल सप्लाई पर पड़ा है. ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुका है, जबकि स्ट्रेट ऑफ होरमज और लाल सागर के रास्तों में जारी तनाव से तेल की आवाजाही प्रभावित हो रही है.
ताजा घटनाक्रम में सऊदी अरब ने ड्रोन हमले के बाद अपनी East-West oil pipeline को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. यह पाइपलाइन हर दिन करीब 40-50 लाख बैरल तेल ले जाने की क्षमता रखती है और होर्मुज जलडमरूमध्य को बायपास करने में मदद करती है.
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अमेरिका में भी महंगा हुआ ईंधन
ईरान युद्ध के कारण अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी औसत गैसोलीन कीमत करीब 4.22 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जबकि डीजल और जेट फ्यूल की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई है. इसका असर ट्रांसपोर्ट और महंगाई पर पड़ रहा है.
