Trump Cryptic Post: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार से बड़ी बातचीत शुरू होने वाली है. इस मीटिंग के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस वाशिंगटन से रवाना हो चुके हैं.
इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक रहस्यमयी पोस्ट लिखकर पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली रिसेट (World’s most powerful reset). ट्रंप के इस संदेश का मतलब सिर्फ युद्ध रोकना नहीं, बल्कि ईरान के साथ रिश्तों की एक बिल्कुल नई शुरुआत करना माना जा रहा है.
जेडी वेंस की ईरान को सीधी चेतावनी
शनिवार (11 अप्रैल) को इस्लामाबाद में होने वाली इस बातचीत की कमान जेडी वेंस संभाल रहे हैं. वाशिंगटन के पास ‘जॉइंट बेस एंड्रयूज’ से उड़ान भरने से पहले जेडी वेंस ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि हम इस बातचीत को लेकर सकारात्मक हैं, लेकिन ईरान को यह नहीं समझना चाहिए कि वह अमेरिका को घुमा सकता है. वेंस ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान ईमानदारी से बातचीत करना चाहता है, तो हम हाथ मिलाने को तैयार हैं, लेकिन अगर उन्होंने हमें ‘प्ले’ करने (धोखा देने) की कोशिश की, तो हमारी टीम का बर्ताव बहुत सख्त होगा.
‘तबाह हो जाती एक पूरी सभ्यता’
ट्रंप ने खुलासा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर की खास अपील पर उन्होंने ईरान पर होने वाले एक बड़े हमले को रोक दिया था. ट्रंप का कहना है कि अगर पाकिस्तान बीच-बचाव नहीं करता, तो शायद एक पूरी सभ्यता धरती से मिट जाती. पाकिस्तान की इसी सक्रिय डिप्लोमेसी की वजह से अब दोनों देश आमने-सामने बैठकर बात करने को तैयार हुए हैं.
इजरायली मीडिया और रिपोर्ट्स का बड़ा दावा
मीटिंग से पहले कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं. इजरायली मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में आई नई लीडरशिप काफी सख्त मिजाज की है. इनमें से कई नेता वहां की सेना यानी ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ से जुड़े हैं. इस रिपोर्ट में इजरायली अधिकारियों के हवाले से चेतावनी दी गई है कि इस नई टीम के साथ सुरक्षा और इलाके में प्रभाव जैसे मुद्दों पर समझौता करना अमेरिका के लिए काफी मुश्किल भरा हो सकता है.
लेबनान बना बातचीत की सबसे बड़ी रुकावट
इस समय दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का एक अस्थाई युद्धविराम (सीजफायर) चल रहा है, जिसे अब स्थाई शांति में बदलने की कोशिश हो रही है. लेकिन इसमें लेबनान का मुद्दा सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है. ईरान चाहता है कि अमेरिका और इजरायल लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई बंद करें. दूसरी तरफ, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि वह हिजबुल्ला पर हमले जारी रखेंगे. उनका कहना है कि लेबनान इस शांति समझौते का हिस्सा नहीं है.
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बातचीत के कई रास्ते खुले
एक तरफ जहां जेडी वेंस और ईरान की टीम इस्लामाबाद में मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम भी वाशिंगटन जा रहे हैं. इजरायल ने सीधे तौर पर बातचीत करने की मांग की है, जिससे संकेत मिलते हैं कि युद्ध के मैदान में गोलाबारी जारी रहने के बावजूद पर्दे के पीछे शांति की कोशिशें भी तेज हो गई हैं. ट्रंप ने जेडी वेंस को इस बातचीत के लिए साफ गाइडलाइंस और कुछ रेड लाइन्स (लक्ष्मण रेखा) दी हैं, जिनके दायरे में रहकर ही अमेरिका समझौता करेगा.
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