कोरोना वायरस के डर से कैलिफोर्निया तट पर ग्रैंड प्रिंसेस क्रूज में फंसे हैं हजारों लोग, जापान तट पर खड़ा है एक और जहाज

कोरोना वायरस के संक्रमण का दहशत दुनिया के लोगों में इस कदर घर कर गया है कि किसी के भी हल्की सी सर्दी-जुकाम के बाद ही खौफ और अफवाह फैल जाता है. इसी का नतीजा है कि कैलिफोर्निया के समुद्र किनारे एक दूसरा जहाज खड़ा कर दिया गया, जिसमें चालक दल के सदस्यों समेत हजारों लोग फंसे हैं. गौर करने वाली बात यह है कि यह क्रूज उसी कंपनी का है, जिसका एक जहाज कोरोना वायरस की वजह से जापान तट पर खड़ा है.

लॉस एंजिलिस : कैलिफोर्निया तट पर एक क्रूज में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण दिखने के बाद हजारों लोग जहाज पर फंस गये हैं. अधिकारियों ने संक्रमण की आशंका वाले लोगों की जांच करने के लिए बुधवार रात को ग्रैंड प्रिंसेस जहाज को हवाई से सैन फ्रांसिस्को आने से रोक दिया. बता दें कि यह जहाज उसी कंपनी की है, जिस कंपनी का एक और जहाज जापान तट पर खड़ा है.

प्रिंसेस क्रूज के संचालक और कैलिफोर्निया के गवर्नर गाविन न्यूसम ने बताया कि क्रूज की मैक्सिको की पिछली यात्रा के दौरान उसमें सवार 71 वर्षीय व्यक्ति की कोविड-19 बीमारी से मौत हो गयी. न्यूसम ने बताया कि क्रूज पर 11 यात्रियों और चालक दल के 10 सदस्यों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका है.

प्रिंसेस क्रूज कंपनी ने एक बयान में कहा कि पिछली मैक्सिको यात्रा के लगभग 62 यात्री अब भी क्रूज पर हैं और जांच होने तक उन्हें कमरों में ही रहने को कहा गया है. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनमें संक्रमण के लक्षण देखे गये हैं या नहीं. न्यूसम ने बताया कि जहाज पर चालक दल के सदस्यों के अलावा लगभग 2,500 यात्री हैं.

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, जहाज पर 1,150 चालक दल के सदस्य हैं. ग्रैंड प्रिंसेस क्रूज उसी कंपनी का जहाज है, जिसका डायमंड प्रिंसेस नामक जहाज जापान में समुद्र तट पर संक्रमण के कारण अलग खड़ा किया गया है. उस पोत पर 700 से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये थे. डायमंड प्रिंसेस से निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराये गये कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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