घुड़सवारी की फैन, सेना में मेजर और फैशन क्वीन, थाई राजकुमारी के शौक और जलवे की पूरी कहानी

Thailand Princess Sirivannavari Nariratana: थाईलैंड की राजकुमारी सिरीवन्नावरी नारीरत्ना अपने शौक और फैशन को लेकर काफी सुर्खियों में रहती हैं. उनका शौक है घुड़सवारी और फैशन उनका पैशन. 38 साल की प्रिंसेस अपने पिता की बेहद लाडली हैं, क्योंकि तमाम विरोधों के बावजूद उन्होंने सिरीवन्नारी को सेना में मेजर जनरल के पद पर नियुक्ति दी थी.

Thailand Princess Sirivannavari Nariratana: थाईलैंड के वर्तमान राजा महा वजीरालोंगकोर्न (राम X) और उनकी पूर्व पत्नी सुजारिनी विवाचारावोंगसे की एकमात्र पुत्री राजकुमारी सिरीवन्नावरी हैं. उनका जन्म 8 जनवरी 1987 को हुआ था. वह अपने चारों भाइयों में से अकेली हैं, जिन्हें आधिकारिक राजसी उपाधियाँ मिली हैं. इसी कारण वह उत्तराधिकार की पंक्ति में भी शामिल हैं. थाई शाही परिवार में उनका स्थान काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. उनके शाही अंदाज के अलावा उनके शौक और उपलब्धियां भी चर्चाओं में रहती हैं. आज हम आपको इन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं.

थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नारिरत्ना.

सिरीवन्नावरी का जन्म अलग नामों के साथ हुआ और समय के साथ रानी सिरिकित के आदेश पर उनके नाम में कई बदलाव किए गए. उनका वर्तमान नाम सिरीवन्नावरी नारीरत्ना राजकन्या है. माता-पिता के 1996 में तलाक के बाद उनकी माँ उन्हें और उनके भाई-बहनों को लेकर ब्रिटेन चली गईं. लेकिन कुछ ही समय बाद राजा ने आदेश देकर उन्हें वापस थाईलैंड बुला लिया. धीरे-धीरे उन्हें शाही परंपराओं और औपचारिक जिम्मेदारियों में शामिल किया गया. राजा वजीरालोंगकोर्न ने सुजारिनी से विवाह से पहले चार शादियां की थीं.

थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नारिरत्ना.

Thailand Princess Sirivannavari की शिक्षा और राजकुमारी का दर्जा

उन्होंने चुलालोंगकोर्न यूनिवर्सिटी से कला की पढ़ाई की और आगे पेरिस के मशहूर फैशन स्कूल से डिजाइन में मास्टर्स किया. उनकी शिक्षा कला, डिजाइन और संस्कृति पर केंद्रित रही. 15 जून 2005 को उनके दादा, किंग भूमिबोल अदुल्यादेज, ने उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘हर रॉयल हाइनेस प्रिंसेस सिरीवन्नावरी’ का दर्जा दिया. यह उपाधि उन्हें शाही परिवार में एक महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करती है.

थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नारिरत्ना.

Thailand Princess Sirivannavari Nariratana: सिरीवन्नावरी फैशन जगत में एक प्रसिद्ध नाम हैं. उन्होंने पेरिस स्थित Ecole de la Chambre Syndicale de la Couture Parisienne से डिजाइन में मास्टर्स किया. पेरिस में ही उन्होंने 2007 में अपना पहला बड़ा शो पेश किया. उनका कलेक्शन ‘Presence of the Past’ काफी चर्चा में रहा, जिसमें आधुनिक डिजाइन के साथ पारंपरिक थाई शैली का मेल दिखा. बाद में उन्होंने अपना हाई-एंड फैशन ब्रांड ‘Sirivannavari’ लॉन्च किया. मिस यूनिवर्स 2018 में थाई प्रतिनिधि द्वारा पहनी गई ड्रेस भी उन्होंने ही डिजाइन की थी.

थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नारिरत्ना.

डिजाइनर के रूप में पहचान खेलों में भागीदारी और उपलब्धियाँ

डिजाइनिंग के साथ-साथ सिरीवन्नावरी खेलों में भी सक्रिय रही हैं, खासकर बैडमिंटन और घुड़सवारी में. उन्होंने 2005 के साउथ ईस्ट एशियन गेम्स में थाईलैंड की बैडमिंटन टीम का हिस्सा बनकर स्वर्ण पदक जीता. नौ साल की उम्र से ही उन्होंने घुड़सवारी सीखनी शुरू कर दी थी और बाद में फ्रांस के एक प्रतिष्ठित संस्थान से प्रशिक्षण लिया. 2013 और 2017 के साउथ ईस्ट एशियन गेम्स में वह थाई घुड़सवारी टीम का भी हिस्सा बनीं.

वर्ष 2008 में Forbes ने उन्हें दुनिया के ‘20 Hottest Young Royals’ में 16वाँ स्थान दिया था. उनकी फैशन समझ, ग्लैमरस लाइफस्टाइल और बहुमुखी प्रतिभा के कारण वह अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा में रहती हैं. सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी लोकप्रियता है. थाईलैंड में उन्हें आधुनिक, स्टाइलिश और प्रभावशाली राजकुमारी माना जाता है. चुलालोंगकोर्न विश्वविद्यालय ने उन्हें फाइन एंड अप्लाइड आर्ट्स में मानद डॉक्टरेट प्रदान किया है, जो डिजाइन में उनकी दक्षता, थाई शिल्पकला को बढ़ावा देने तथा उनके हाई-एंड फैशन ब्रांड ‘Sirivannavari’ के लिए दिया गया सम्मान है.

थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नारिरत्ना.

थाई सेना में मेजर जनरल की नियुक्ति और उत्तराधिकार

साल 2023 में राजा ने उन्हें थाई सेना में ‘स्पेशलिस्ट’ के रूप में मेजर जनरल के पद पर नियुक्त किया. शाही गजट में जारी सूची में उनका नाम सबसे ऊपर था, जिसके बाद उनकी नियुक्ति पर जनता में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आईं. लोगों ने सवाल उठाए कि उनके पास सैन्य अनुभव कितना है और उन्हें इतनी ऊँची रैंक क्यों दी गई. यह प्रमोशन 1 अप्रैल से लागू हुआ और इसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से अपनी भूमिका संभाली. वह रॉयल थाई आर्मी की 2nd कैवेलरी डिवीजन, किंग्स गार्ड, की रॉयल स्टेबल यूनिट की संरक्षक भी रही हैं.

थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नारिरत्ना.

उनकी एक सौतेली बड़ी बहन भी हैं. उनका नाम राजकुमारी बजराकीतियाभा है. वे 2022 से हृदय रोग के कारण कोमा में हैं, जिससे शाही परिवार पर बड़ा असर पड़ा है. इसी कारण कई लोगों का मानना है कि भविष्य में सिंहासन की दावेदारी सिरीवन्नावरी के पास जा सकती है. राजा की पांच शादियों से कुल सात बच्चे हैं, पर उनमें से बहुत कम ही राजसी उपाधियाँ रखते हैं. ऐसे में सिरीवन्नावरी को थाई राजशाही की संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि थाईलैंड में सत्ता पितृसत्तामक है. ऐसे में प्रिंस दिपांगकोर्न के राजा बनने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें:-

थाईलैंड के वैज्ञानिकों ने खोजी दुनिया की सबसे दुर्लभ चीज, जो पाई जाती है सिर्फ 3 लोगों में, जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

गुब्बारे से सहम गया पूरा देश, सरकार ने घोषित की ‘इमरजेंसी सिचुएशन’, इस यूरोपीय देश में क्यों है डर का माहौल?

Cheers! ब्रह्मांड का हसीन मयखाना, ओपन बार में है इतना अल्कोहल कि 21 लाख साल तक पिएंगे दुनिया वाले

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >