फिर छिड़ी ट्रंप की रुकवाई हुई जंग, थाईलैंड ने कंबोडिया पर दागी मिसाइलें, एयर स्ट्राइक से मचा कोहराम

Thailand Cambodia Fight Resumes: थाईलैंड और कंबोडिया के बाद एक बार फिर से युद्ध शुरू हो गया है. थाईलैंड ने सोमवार सुबह कम्बोडियाई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. इससे पहले कम्बोडिया की ओर से हुई गोलाबारी में एक थाई सैनिक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना एकबार फिर से खतरे में पड़ गई है.

Thailand Cambodia Fight Resumes: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना नाकाम होती दिख रही है. दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध छिड़ गया है. इस बार थाईलैंड ने सोमवार सुबह कम्बोडियाई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. इससे पहले कम्बोडिया की ओर से हुई गोलाबारी में एक थाई सैनिक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. यह झड़प तनावपूर्ण सीमा क्षेत्र में हुई. डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्तता से एक बार युद्ध अक्टूबर अंत रुका था. लगभग दो हफ्ते पहले फिर संघर्ष बढ़ा, जिसे ट्रंप ने दोबारा रुकवाया. लेकिन यह तीसरी बार फिर से भड़क उठा है. इस दौरान दोनों देशों में जबरदस्त गोलीबारी चल रही है. 

रॉयल थाई आर्मी के मुताबिक, कम्बोडियाई बलों ने सुबह करीब 7 बजे नाम युआन ज़िले के चोंग बोक क्षेत्र में थाई सैन्य और नागरिक इलाकों पर गोले और रॉकेट दागे. इस हमले में एक थाई सैनिक की मौत हुई और चार अन्य घायल हुए. मेजर जनरल विनथाई सुवारी ने बताया कि थाई सैनिकों ने जवाबी फायर किया और इसके बाद लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर कम्बोडियाई ठिकानों पर हवाई हमले किए ताकि गोलाबारी को रोका जा सके. 

बैंकॉक पोस्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “निशाना कम्बोडिया के हथियार सपोर्ट करने वाले ठिकाने थे, जो चोंग अन मा पास क्षेत्र में हैं, क्योंकि इन्हीं ठिकानों ने अनूपोंग बेस पर थाई पक्ष पर तोप और मोर्टार दागे थे.” यह बयान सीएनएन के हवाले से है. वहीं दूसरे आर्मी रीजन ने यह भी बताया कि करीब 8:30 बजे कम्बोडिया के BM-21 रॉकेट लॉन्चर्स से दागे गए रॉकेट्स ने बुरी राम प्रांत के बान क्रुआट जिले में बान साई थो 10 को निशाना बनाया.

कंबोडिया ने थाईलैंड पर लगाया आरोप

उधर, कम्बोडिया ने सोमवार की हिंसा के लिए थाईलैंड पर आरोप लगाया है. उसने कहा कि यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह हमला कई दिनों से थाई बलों द्वारा की जा रही उकसावे की कार्रवाइयों के बाद हुआ है. कम्बोडियाई सेना ने दावा किया कि थाई बलों ने सबसे पहले सुबह करीब 5:04 बजे हमला किया. कम्बोडिया के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि थाई सैन्य बलों ने प्रीह विहियर प्रांत में सीमा पर कम्बोडियाई सैनिकों पर निर्दयी और अमानवीय हमले किए और इसे कुआलालंपुर में ASEAN शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित शांति समझौते का गंभीर उल्लंघन बताया.

ट्रंप का पीस प्लान फेल!

यह ताजा झड़प ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में थाईलैंड ने 26 अक्टूबर 2025 को कुआलालंपुर में किए गए शांति समझौते को निलंबित कर दिया था. इस समझौते को बड़ा कूटनीतिक कदम माना गया था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी देखा था. नवंबर में थाईलैंड ने इस समझौते के पालन को रोक दिया था, जब एक लैंडमाइन विस्फोट में उसके दो सैनिक घायल हो गए थे. इसके बाद ट्रंप ने दोबारा दोनों देशों से बात की और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इसकी पुष्टि की थी. हालांकि अब यह तनाव फिर से भड़क गया है. यह बढ़ता संघर्ष ट्रंप के हालिया बयान के बाद भी आया है, जिसमें वॉशिंगटन में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 10 महीनों में 8 युद्ध निपटा दिए हैं, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति को दिए गए अधिकार स्पष्ट हैं. उनके अनुसार इनमें कम्बोडिया और थाईलैंड भी शामिल थे. लेकिन ट्रंप का शांति समझौता दो बार शांत करवाने के बाद 44 दिन भी नहीं चल पाया है. 

प्रीह विहार मंदिर जिस पर दोनों देशों के बीच है विवाद.

क्यों हो रहा विवाद?

थाईलैंड और कम्बोडिया के बीच सीमा तनाव दशकों पुराना है, जिसकी जड़ें फ्रेंच औपनिवेशिक युग के नक्शों से जुड़े विवादों में हैं. यह सीमा पहले भी कई बार टकराव देख चुकी है. हाल ही में जुलाई में दोनों देशों की सेनाओं के बीच लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और जमीनी दस्तों की भागीदारी के साथ हुई झड़पों में दर्जनों लोग मारे गए थे और लगभग दो लाख लोग विस्थापित हुए थे. दोनों देशों के बीच असली विवाद प्रीह विहार मंदिर है, इस पर कंबोडिया और थाईलैंड दोनों दावा करते हैं. यह भगवान शंकर को समर्पित है. कंबोडिया के प्रीह विहार प्रांत और थाईलैंड के सिसाकेट प्रांत की सीमा पर स्थित डांगरेक पर्वत चोटी के बीच एक पहाड़ी पर यह मंदिर है. सीमा विवाद हल न होने की वजह से दोनों देश अब खूनी संघर्ष पर उतर आए हैं. 

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