Taliban In Kabul अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा जमाने वाले तालिबान के सामने अभी भी कई चुनौतियों है. सरकार बनाने को लेकर तमाम बातचीत का कोई नतीजा निकलता नहीं दिख रहा है. इस बीच, रविवार को काबुल में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार से जुड़े मामलों के अंडर सेक्रटरी मार्टिन ग्रिफिथ्स से तालिबान का टॉप लीडर मुल्ला बरादर ने मुलाकात की है. टोलो न्यूज के मुताबिक, मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा है कि वह अफगानिस्तान को सहयोग और समर्थन करना जारी रखेंगे.
बता दें कि अफगानिस्तान में आतंकी सरगनाओं के बीच सरकार गठन को लेकर आम सहमति नहीं बन पाने के कारण पाकिस्तान को बीच में कूदना पड़ा है. अब तालिबान ने एकबार फिर बयान जारी कर आवाम को भरोसा दिलाया है कि अफगानिस्तान में जल्द ही समावेशी सरकार का गठन हो जाएगा. तालिबान का कहना है कि विदेशी ताकतों ने देश छोड़ दिया है और भविष्य की सरकार की घोषणा के रास्ते में अब कोई बाधा नहीं है, जल्द ही सरकार का गठन होगा.
समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के सदस्य अनामुल्ला सामनगनी ने टोलो न्यूज को बताया कि अफगानिस्तान में नई सरकार की घोषणा बहुत जल्द कर दी जाएगी. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि आखिकार सरकार के गठन में देरी क्यों हो रही है. सामनगनी ने यह भी नहीं बताया कि सरकार की संरचना और रूपरेखा कैसी होगी. यही नहीं किसे कौन सी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
जानें कौन है अब्दुल गनी बरादरअमेरिका की गुजारिश पर तीन साल से भी कम वक्त पहले पाकिस्तान की जेल से रिहा हुआ तालिबान नेता अब्दुल गनी बरादर अफगानिस्तान में 20 साल से चल रही जंग के गैर मुतनाजा फातेह के तौर पर उभरा है. जबकि, मजमूई तौर पर हैबतुल्लाह अखुंदजादा तालिबान का नेता है, बरादर इसका राजनीतिक प्रमुख और इसका सबसे बड़ा पब्लिक फेस है.
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