अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के दो दिन बाद तालिबानी नेता और सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर अफगानिस्तान पहुंच गया है. वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने काबुल में प्रेस काॅन्फ्रेंस कर यह कहा है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है और अपने नेता के आदेश के आधार पर उन्होंने सभी को माफ कर दिया है.
टोलोन्यूज के हवाले से यह जानकारी मिली है कि जबीहुल्लाह मुजाहिद का कहना है कि वे जल्द ही एक ऐसे समझौते पर पहुंचेंगे, जिसके जरिये देश में इस्लामी सरकार की स्थापना होगी. मुजाहिद ने कहा कि काबुल की सुरक्षा में दिन प्रतिदिन सुधार हो रहा है क्योंकि उनके लड़ाके विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं.
विदेशी दूतावासों की सुरक्षा हमारे लिए अहम
मुजाहिद ने पत्रकारों के सामने कहा कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है. विदेशी दूतावासों की सुरक्षा उनके लिए अहम है और वे यह संकल्प लेते हैं कि दूतावास पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. मुजाहिद का कहना है कि काबुल के बाहरी इलाके में पहुंचने के बाद पहले दिन उन्होंने अपनी सेना को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया, लेकिन कुछ लोगों ने स्थिति का दुरुपयोग किया और लोगों को लूटने का प्रयास किया. उनका कहना है कि अब लोग यह महसूस कर सकते हैं कि वे सुरक्षित रहेंगे. मुजाहिद का कहना है कि इस्लामिक अमीरात दुनिया के तमाम देशों से वादा कर रहा है कि अफगानिस्तान से किसी देश को कोई खतरा नहीं होगा.
अफगानों को अपने मूल्यों के अनुसार नियम लागू करने का हक
मुजाहिद ने कहा कि अफ़गानों को लोगों के मूल्यों से मेल खाने वाले नियमों को लागू करने का अधिकार है; इसलिए, अन्य देशों को इन नियमों का सम्मान करना चाहिए.
महिलाओं को इस्लाम के आधार पर मिलेंगे अधिकार
मुजाहिद का कहना है कि वे इस्लाम के आधार पर महिलाओं को उनके अधिकार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उनका कहना है कि महिलाएं स्वास्थ्य क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में जहां जरूरत हो वहां काम कर सकती हैं. उनका कहना है कि महिलाओं के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा.
देश की अर्थव्यवस्था में होगा सुधार
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि तालिबान के शासन में देश की अर्थव्यवस्था और लोगों की आजीविका में सुधार होगा. साथ ही मुजाहिद ने कहा कि वे चाहते हैं कि सभी मीडिया संस्थान अपना काम करते रहें. उन्हें बस इस बात का ध्यान रखना होगा कि कोई भी प्रसारण इस्लामी मूल्यों के विरोध में ना हो, मीडिया निष्पक्ष हो और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ रिपोर्टिंग ना हो.
Posted By : Rajneesh Anand
