खास बातें
West Bengal Election 2026 Security: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले खड़गपुर टाउन पुलिस ने संगठित अपराध के सिंडिकेट को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने 3 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है. खड़गपुर पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए संदेश है कि अब बार-बार अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा.
3 आरोपियों की फिल्मी स्टाइल में हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 3 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. सभी को फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. हालांकि, इसका पूरा विवरण नहीं दिया गया है. जिन 3 लोगों को जेल भेजा गया है, उनका विवरण इस प्रकार है.
- दीपांकर शुक्ला : खरिदा कुमारपाड़ा का रहने वाला दीपांकर लंबे समय से आर्म्स एक्ट के मामले में फरार चल रहा था.
- आकाश पासवान : भगवानपुर निवासी आकाश पुलिस की रडार पर काफी समय से था.
- बी रोहित पासवान : वार्ड नंबर-16, भगवानपुर का रहने वाला यह आरोपी भी संगठित गिरोह का हिस्सा बताया जा रहा है.
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BNS की धारा 111 : क्यों लगा यह कड़ा कानून?
खड़गपुर टाउन पुलिस (Kharagpur Town Police) ने आरोपियों की आदतन आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उन पर भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2)(b) लगायी गयी है. यह धारा संगठित गिरोह चलाने वालों पर लगती है, जिससे उनकी जमानत और सजा के प्रावधान बेहद सख्त हो जाते हैं. इसलिए इसे पुलिस का ‘ब्रह्मास्त्र’ भी कहा जाता है. खड़गपुर पुलिस (Kharagpur Police) ने साफ कर दिया है कि हिंसक वारदातों में बार-बार शामिल होने वाले अपराधियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जायेगी.
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West Bengal Election 2026 Security: आरोपियों का काला चिट्ठा
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इन तीनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, जिसकी वजह से पुलिस को कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा. इन बदमाशों पर निम्न धाराओं के तहत केस दर्ज हैं.
केस नं 274/24 : हत्या का प्रयास (307), रंगदारी (384/387) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला.
केस नं 439/19 : डकैती की योजना और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (3/4 Explosive Substances Act) के तहत गंभीर केस.
केस नं 374/19 : अवैध हथियारों की तस्करी और इस्तेमाल से जुड़े मामले.
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चुनाव आयोग का सख्त संदेश : शांतिपूर्ण चुनाव ही लक्ष्य
निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने साफ कहा है कि बंगाल चुनाव (Bengal Chunav 2026) को भयमुक्त बनाने के लिए संगठित गिरोहों का दमन जरूरी है. पुलिस की यह कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा है. खड़गपुर टाउन पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. पुलिस का दावा है कि संगठित अपराध की धाराएं लगने से अब अपराधियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी और उन पर मुकदमा भी तेजी से चलेगा.
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