बंगाल चुनाव में ‘तीसरी आंख’ का पहरा, संवेदनशील बूथों पर 3 और सामान्य पर लगेंगे 2 CCTV

Sensitive Booths Surveillance: निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के लिए सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है. संवेदनशील मतदान केंद्रों पर 3 और सामान्य पर 2 एआई आधारित कैमरे लगेंगे. सुरक्षा बलों के वाहनों में जीपीएस ट्रैकर भी लगाये जायेंगे.

Sensitive Booths Surveillance| कोलकाता, कुंदन झा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने ‘डिजिटल घेराबंदी’ तैयार कर ली है. आयोग ने इस बार मतदान केंद्रों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है. अब संवेदनशील मतदान केंद्रों (Sensitive Booths) पर 3 और सामान्य केंद्रों पर 2-2 कैमरे लगाये जायेंगे. खास बात यह है कि ये कैमरे केवल रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से लैस होंगे, जो किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत अलार्म बजा देंगे.

360 डिग्री निगरानी, कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ेंगे बूथ

निर्वाचन आयोग की इस नयी योजना के तहत कैमरों का जाल इस तरह बिछाया जायेगा कि गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे. संवेदनशील केंद्रों पर 3 कैमरे होंगे, जिनमें से 2 केंद्र के भीतर और एक बाहर लगेगा. सामान्य केंद्रों के अंदर और बाहर एक-एक कैमरा लगाया जायेगा.

इलेक्शन की होगी सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग

ये सभी कैमरे जिला मुख्यालय और कोलकाता स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के केंद्रीय कंट्रोल रूम से सीधे जुड़े होंगे. कैमरों को इस तरह सेट किया जायेगा कि बूथ के भीतर की 360 डिग्री गतिविधि साफ दिखाई दे.

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AI और GPS से लैस होगी सुरक्षा व्यवस्था

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने इस बार सुरक्षा बलों के सही इस्तेमाल के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है.

  • स्मार्ट AI कैमरे : यदि किसी बूथ पर अनधिकृत भीड़ जमा होती है या कोई अनियमित गतिविधि होती है, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा.
  • GPS ट्रैकर : केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के वाहनों में जीपीएस लगाया जायेगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि सुरक्षा बल सही समय पर सही जगह मौजूद रहें.
  • वीडियोग्राफी : अत्यधिक संवेदनशील केंद्रों पर विशेष वीडियोग्राफर भी तैनात किये जायेंगे, जो पल-पल की कार्यवाही को दर्ज करेंगे.

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Sensitive Booths Surveillance: पुराने अनुभवों से लिया सबक

पिछले चुनावों में ऐसी शिकायतें मिली थीं कि सुरक्षा बलों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाता था. कई बार उन्हें आवश्यक स्थानों की बजाय अन्य जगहों पर भेज दिया जाता था. इसी गड़बड़ी को रोकने के लिए आयोग ने इस बार जीपीएस और सीसीटीवी के जरिये सुरक्षा बलों और मतदान केंद्रों पर सख्त डिजिटल निगरानी का फैसला लिया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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