बंगाल चुनाव में वोटिंग से पहले 427 करोड़ की जब्ती, शराब और ड्रग्स के सिंडिकेट में हड़कंप

West Bengal Election 2026 Seizures: निर्वाचन आयोग ने बंगाल चुनाव 2026 के दौरान 427 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड जब्ती की है. इसमें भारी मात्रा में नकदी, शराब और ड्रग्स शामिल हैं. फ्लाइंग स्क्वाड की सक्रियता से अवैध धंधेबाजों पर नकेल कसी गयी है.

West Bengal Election 2026 Seizures: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण के बीच निर्वाचन आयोग (ECI) ने काली कमाई और प्रलोभन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक की है. आयोग से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, बंगाल और तमिलनाडु में कुल जब्ती का आंकड़ा 865 करोड़ रुपए को पार कर गया है. अकेले पश्चिम बंगाल में अब तक 427 करोड़ रुपए मूल्य की नकदी, शराब, ड्रग्स और कीमती धातुएं जब्त की जा चुकी हैं.

बंगाल का जब्ती मीटर : 31 लाख लीटर से ज्यादा शराब बरामद

चुनाव आयोग की प्रेस नोट के अनुसार, 26 फरवरी से 17 अप्रैल 2026 के बीच बंगाल में हुई कार्रवाई का ब्योरा चौंकाने वाला है.

  • शराब का दरिया : बंगाल में अब तक 31,94,621 लीटर शराब पकड़ी गयी है. इसकी कीमत करीब 81 करोड़ रुपए है.
  • ड्रग्स और कैश : पश्चिम बंगाल में 100 करोड़ रुपए के ड्रग्स और 21 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए हैं.
  • सोना-चांदी और तोहफे : चुनाव आयोग ने 54 करोड़ का सोना-चांदी और वोटरों को लुभाने के लिए रखे गये 172 करोड़ के फ्रीबीज (मुफ्त उपहार) भी जब्त किये हैं.

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2,700 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वायड मैदान में

बंगाल में शांतिपूर्ण और प्रलोभन मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने सुरक्षा का अभूतपूर्व चक्र तैयार किया है. राज्य भर में 2,728 फ्लाइंग स्क्वायड टीमें (FSTs) तैनात की गयीं हैं, जो किसी भी शिकायत पर मात्र 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करती हैं. सड़कों पर पैनी नजर रखने के लिए 3,142 स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SSTs) सरप्राइज नाकेबंदी कर रही हैं. आयोग ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान आम नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े.

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तमिलनाडु को दी कड़ी टक्कर

जब्ती के मामले में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के बीच ‘होड़’ जैसी स्थिति है. तमिलनाडु में 438 करोड़ रुपए की जब्ती हुई है. बंगाल 427 करोड़ के साथ तमिलनाडु के बेहद करीब है. दोनों राज्यों को मिलाकर अब तक 99 करोड़ कैश और 174 करोड़ के ड्रग्स पकड़े जा चुके हैं.

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आम नागरिक भी बन सकते हैं जासूस

निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की है कि वे आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन की रिपोर्ट C-Vigil ऐप के माध्यम से करें. शिकायतों के निपटारे के लिए जिला स्तर पर ग्रीवांस कमेटियां भी बनायी गयी हैं. आयोग का लक्ष्य हिंसा मुक्त, डराने-धमकाने से रहित और प्रलोभन मुक्त चुनाव संपन्न कराना है.

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By Mithilesh Jha

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