Seraikela Water Supply, सरायकेला (शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट): सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत हेंसल लैंपस के समीप स्थित ‘जल जीवन मिशन’ सोलर आधारित लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना जल्द ही धरातल पर उतरने वाली है. तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय से बंद पड़ी इस योजना को एक सप्ताह के भीतर फिर से शुरू किए जाने की प्रबल संभावना है. इस योजना के बहाल होने से क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों को पेयजल की भयावह स्थिति से मुक्ति मिलेगी.
आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर केंद्र का संज्ञान
यह सफलता आरटीआई कार्यकर्ता संघ के केंद्रीय महासचिव कीर्तिवास मंडल के प्रयासों का परिणाम है. ग्रामीणों की बार-बार की गई शिकायतों के बावजूद जब स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब श्री मंडल ने सीधे भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय से मामले की लिखित शिकायत की थी. मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद विभाग हरकत में आया और राजनगर के कनीय अभियंता व सरायकेला के सहायक अभियंता ने जांच प्रतिवेदन दिल्ली भेजा.
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खराब मोटर पंप को मरम्मत के लिए भेजा गया
उल्लेखनीय है कि इस जलापूर्ति योजना की क्षमता 16,000 लीटर पानी स्टोर करने की है और यहां दो मोटर पंप लगाए गए हैं. वर्तमान में केवल एक मोटर पंप आंशिक रूप से काम कर रहा था, जबकि दूसरा पूरी तरह खराब था. विभाग ने अब खराब पड़े मोटर पंप को मरम्मत के लिए भेज दिया है. विभाग की इस तत्परता से ग्रामीणों में अब उम्मीद जगी है कि उन्हें जल्द ही नियमित रूप से पर्याप्त पानी मिल सकेगा.
जनहित में की गई त्वरित कार्रवाई
कीर्तिवास मंडल ने मंत्रालय से अनुरोध किया था कि जनहित को देखते हुए इस योजना की जल्द मरम्मत कराई जाए. विभागीय अधिकारियों ने अब आश्वस्त किया है कि जैसे ही मोटर पंप दुरुस्त होकर आएगा, जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी. इस पूरी प्रक्रिया ने यह साबित किया है कि जागरूक नागरिक और जिम्मेदार प्रशासन मिलकर बड़ी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं.
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