Seraikela Kharsawan News : Villagers' Anger Erupts Over Dilapidated Condition of Chandil-Kandra Road

रैली व प्रदर्शन कर जताया विरोध जनप्रतिनिधियों के खिलाफ की नारेबाजी

चांडिल

. चांडिल गोलचक्कर से कांड्रा तक जाने वाली मुख्य सड़क की जर्जर हालत को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा. ग्रामीण आंदोलनकारी एकता मंच के बैनर तले काटिया, चैनपुर, पाटा, छोटालाखा, मानीकुई और तारकुआं समेत आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने रैली निकालकर धरना-प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने सांसद सह मंत्री संजय सेठ और ईचागढ़ की विधायक सविता महतो के खिलाफ नारेबाजी की. सुबह करीब 11 बजे ग्रामीण चांडिल गोलचक्कर पर जुटे और नारे लगाते हुए प्रखंड कार्यालय तक रैली निकाली. हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी सड़क नहीं तो वोट नहीं, अधूरा निर्माण बंद करो और जानलेवा सड़क की मरम्मत करो जैसे नारे लगा रहे थे. इसके बाद प्रखंड कार्यालय के समीप धरना देकर सड़क निर्माण में देरी के खिलाफ विरोध जताया गया. वहीं, ग्रामीणों ने सीओ प्रदीप कुमार महतो को ज्ञापन सौंपा गया.

मौत का रास्ता बन चुकी है सड़क

ग्रामीणों ने कहा कि चांडिल-कांड्रा मुख्य सड़क अब मौत का रास्ता बन चुकी है. जगह-जगह गड्ढे, उड़ती धूल और अधूरे निर्माण के कारण रोजाना सैकड़ों लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि खराब सड़क के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है और हर दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. बारिश के मौसम में कीचड़ और गर्मी में धूल से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. एम्बुलेंस तक समय पर गांवों में नहीं पहुंच पा रही है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं.

पथ निर्माण विभाग पर लापरवाही का आरोप:

आंदोलनकारियों ने बताया कि करीब तीन माह पहले सड़क मरम्मत के लिए टेंडर निकाला गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ. ग्रामीणों ने पथ निर्माण विभाग पर आरोप लगाया कि जहां मरम्मत की सख्त जरूरत थी, वहां काम नहीं हुआ.

पहले भी दिया गया था आश्वासन

ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले वे पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को ज्ञापन सौंप चुके हैं. अभियंता ने सात दिनों के भीतर कार्य शुरू कराने और तब तक नियमित जल छिड़काव कराने का आश्वासन दिया था. साथ ही यह भी कहा गया था कि पूर्व टेंडर की राशि समाप्त हो चुकी है, इसलिए संशोधित अस्टिमेट बनाकर शेष कार्य पूरा किया जाएगा. हालांकि, तय समय सीमा बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका.

छह सूत्री मांगों को दोहराया

धरना के दौरान ग्रामीणों ने अपनी छह सूत्री मांगों को दोहराया. इनमें अधूरा सड़क निर्माण जल्द पूरा करने, मानक गति अवरोधक लगाने, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गति सीमा तय करने, निर्माण कार्य पूरा होने तक भारी वाहनों पर रोक और नियमित जल छिड़काव कराने, चैनपुर मुख्य नहर पुल पर सुरक्षा रेलिंग लगाने तथा पुल पर फुटपाथ बनाने की मांग शामिल है.

कोट

– सड़क की जर्जर हालत के कारण आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. लोगों की जान खतरे में है. प्रशासन को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए.

-आशुदेव महतो

यह सड़क क्षेत्र की लाइफलाइन है, जिससे लोग अस्पताल, स्कूल और प्रखंड कार्यालय तक पहुंचते हैं. इसलिए इसका जल्द निर्माण बेहद जरूरी है.

-ज्योतिलाल माहली

उड़ती धूल से स्थानीय लोग, स्कूली बच्चे और मरीज काफी परेशान हैं. जब तक निर्माण नहीं होता, पानी का छिड़काव होना चाहिए.

-राकेश रंजन महतो

धूल से ग्रामीणों के घरों और किचन तक प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने घनी आबादी वाले क्षेत्रों में 40 किमी प्रति घंटे की गति सीमा, पुल पर रेलिंग और फुटपाथ निर्माण की मांग उठायी.

-सुबोधनी माहली, रूदिया पंचायत की मुखिया

करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित मरम्मत कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है. यदि जल्द काम नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा.

-मंजू गोराई

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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