हद में रहे पाकिस्तानी सेना और अपना घर देखे, आरोपों पर भड़का तालिबान; सुना दी खरी-खरी

Taliban Slams Pakistan Army Allegations on Afghanistan: तालिबान ने पाकिस्तान आर्मी के अफगानिस्तान पर लगाए गए आरोपों पर जमकर लताड़ लगाई है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना की टिप्पणियां हकीकत से कोसों दूर हैं और किसी पेशेवर सैन्य संस्था से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं हैं. उन्होंने सेना को अपने घर में देखने की सलाह दी.

Taliban Slams Pakistan Army Allegations on Afghanistan: तालिबान ने मंगलवार को पाकिस्तान सेना की कड़ी आलोचना की है. अफगानिस्तान की शासन व्यवस्था और स्थिरता को लेकर पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयानों को तालिबान ने गैर-जिम्मेदाराना और उकसावे भरा बताया. पाकिस्तान सेना के डीजी आईएसपीआर लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कथित तौर पर तालिबान प्रशासन का मजाक उड़ाते हुए कहा था कि अफगानिस्तान में कोई सरकार नहीं है. उन्होंने इसे केवल एक भौगोलिक अभिव्यक्ति बताया था. अफगान अधिकारियों ने इन टिप्पणियों को अपनी संप्रभुता और वैधता के लिए सीधी चुनौती माना. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना की टिप्पणियां हकीकत से कोसों दूर हैं और किसी पेशेवर सैन्य संस्था से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं हैं.

मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान एक स्वतंत्र और स्थिर देश है, जिसका अपने पूरे क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण है. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की धमकी भरी भाषा या आंतरिक मामलों में दखल अफगान राष्ट्र के लिए अस्वीकार्य है. साथ ही उन्होंने पाकिस्तानी संस्थानों से बेबुनियाद प्रचार से बचने और अपने आंतरिक मुद्दों के समाधान पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की, साथ ही द्विपक्षीय संबंधों की संवेदनशीलता को देखते हुए संयमित भाषा का इस्तेमाल करने का आग्रह किया. 

मुजाहिद ने पाकिस्तानी सेना के बयानों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें गैर-जिम्मेदाराना और उकसावे भरा करार दिया है और कहा कि उसके आरोपों का हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है. जबीउल्लाह मुजाहिद ने जोर देकर कहा कि अफगानों के लिए धमकी भरी भाषा किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है.

पाकिस्तान आर्मी ने प्रेस कांफ्रेंस में क्या कहा था?

पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क विभाग (डीजी आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया था कि अफगानिस्तान “आतंकवादियों और गैर-राज्य तत्वों का केंद्र” बनता जा रहा है. इस्लामाबाद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल चौधरी ने दावा किया कि अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे आतंकी संगठन अफगान धरती से सक्रिय हैं. 

लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में सीरिया से करीब 2,500 विदेशी लड़ाके अफगानिस्तान में दाखिल हुए हैं, हालांकि इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया गया. उनके मुताबिक, दिसंबर 2024 में बशर अल-असद को सत्ता से हटाए जाने के बाद इन लड़ाकों को अफगान क्षेत्र में आमंत्रित किया गया. उन्होंने कहा कि ये लोग अन्य राष्ट्रीयताओं से ताल्लुक रखते हैं और इनकी मौजूदगी न केवल क्षेत्र बल्कि उससे बाहर तक गंभीर सुरक्षा खतरे पैदा कर सकती है.

पाकिस्तान में पिछले साल हुए बेशुमार हिंसा, आरोप अफगानिस्तान पर मढ़ा

पाकिस्तानी सेना ने आगे दावा किया कि वर्ष 2025 में पाकिस्तान के भीतर हुए लगभग सभी बड़े आतंकी हमलों में अफगान नागरिकों की भूमिका रही. लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी के अनुसार, वर्ष 2025 में 2,597 आतंकवादी मारे गए, जो इससे पिछले साल मारे गए 1,053 आतंकवादियों की तुलना में कहीं अधिक हैं. उन्होंने यह भी कहा कि देश में हिंसा की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2025 में 5,397 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 3,014 थी. 

इस्लामाबाद बार-बार काबुल पर पाकिस्तान को निशाना बनाने वाले आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है, जिसे तालिबान लगातार खारिज करता आया है. हाल के महीनों में दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ा है और कई बार यह हिंसक रूप भी ले चुका है. अक्टूबर, 2025 में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर उन ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिन्हें उसने पाकिस्तानी तालिबान के ठिकाने बताया था. इसके जवाब में काबुल ने भी कार्रवाई की, जिसके बाद कतर की मध्यस्थता से संघर्षविराम कराया गया, हालांकि, इससे बात नहीं बनी. छिटपुट घटनाएं लगातार होती रहीं.

बयानबाजी क्षेत्र में पैदा कर रही अस्थिरता

इसके बाद पाकिस्तान ने मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई को गलत बताया, जिस पर सिराजुद्दीन हक्कानी ने उनकी तारीफ की थी. इसके बाद मामला थोड़ा सकारात्मकता की ओर बढ़ा था, लेकिन ताजा बयानबाजी पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों की नाजुक स्थिति को उजागर करती है. यहां आपसी आरोप-प्रत्यारोप, सुरक्षा चिंताएं और कूटनीतिक तनाव मिलकर पूरे क्षेत्र को और अस्थिर करने का खतरा पैदा कर रहे हैं.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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