अफगानिस्तान में फिर एक पत्रकार की हत्या, तालिबान से शांति की उम्मीद करना बेकार

टोलो न्यूज की मानें तो, जियार याद और उनके कैमरामेन साथी को तालिबान ने पहले पीटा. ये दोनों अफगान में गरीबी और बेरोजगारी पर रिपोर्टिंग कर रहे थे. ये लोग काबुल में हाजी याकूब चौराहा के पास रिपोर्टिंग में व्यस्त थे और तस्वीरें ले रहे थे.

तालिबान से शांति की उम्मीद करना बेकार है. अफगान के लोगों को सुरक्षा मुहैया कराए जाने के उसके दावे खोखले साबित होते नजर आ जा रहे हैं. टीवी रिपोर्ट के अनुसार तालिबान ने काबुल में एक पत्रकार की हत्या कर दी है. बताया जा रहा है कि पत्रकार टोलो न्यूज के लिए काम कर रहे थे. यदि आपको याद हो तो कुछ दिन पहले भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की भी तालिबानियों ने हत्या कर दी थी.

TOLOnews की मानें तो, जियार याद ( Ziar Yad) और उनके कैमरामेन साथी को तालिबान ने पहले पीटा. ये दोनों अफगान में गरीबी और बेरोजगारी पर रिपोर्टिंग कर रहे थे. ये लोग काबुल में हाजी याकूब चौराहा के पास रिपोर्टिंग में व्यस्त थे और तस्वीरें ले रहे थे. उसी वक्त तालिबान के लोग उनके पास आए और उनका फोन छीन लिया. इसके बाद दोनों को हथियारों से मारा.

भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी के साथ तालिबान ने की क्रूरता की हद : भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या के बाद उनकी मेडिकल रिपोर्ट सामने आयी तो लोग चौंक गये. जी हां मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दानिश सिद्दीकी की मेडिकल रिपोर्ट, एक्स रे रिपोर्ट और फोटो से यह बताया चलता है कि उनकी हत्या से पहले उन्हें अत्यधिक यातना दी गयी. उनके शरीर पर घसीटने के निशान पाये गये हैं. जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तालिबानी आतंकियों ने हत्या के बाद उनके शव को घसीटा था.

Also Read: 3 हजार रुपये में एक बोतल पानी, साढ़े 7 हजार रुपये प्लेट खाना, काबुल एयरपोर्ट पर बद से बदतर हालात, तड़प रहे लोग

तालिबान ने काबुल हवाईअड्डे के आस-पास पहुंच एवं नियंत्रण के कदमों को किया मजबूत : इधर अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने कहा है कि तालिबान ने काबुल हवाईअड्डे के आस-पास पहुंच एवं नियंत्रण के अपने कदमों को मजबूत कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अफगानिस्तान में लोगों तक पहुंचने का एकमात्र माध्यम हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा है.

ऑस्ट्रेलिया ने काबुल हवाईअड्डे के संबंध में सुरक्षा अलर्ट जारी किया : ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान में अपने नागरिकों को काबुल हवाईअड्डे न जाने की सलाह दी है जहां आतंकवादी हमला होने का बहुत गंभीर खतरा है. ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि हवाईअड्डा परिसर में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने और अगले आदेश की प्रतीक्षा करने की सलाह दी जाती है. ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री मारिसे पायने ने कहा कि यह यात्रा परामर्श ब्रिटेन और न्यूजीलैंड की संशोधित यात्रा सलाह के समान है. काबुल में अमेरिकी दूतावास ने अनिर्दिष्ट सुरक्षा मुद्दे पर अमेरिकी नागरिकों को हवाईअड्डे के तीन विशिष्ट द्वारों से दूर रहने की चेतावनी दी है.

Posted By : Amitabh Kumar

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >