भूकंप के तेज झटके से कांपा ताजिकिस्तान, तीव्रता 6.8 मापी गयी, अफगानिस्तान में भी डोली धरती

हाल के दिनों में तुर्किये में आये विनाशकारी भूकंप ने 45 हजार से अधिक लोगों की जान ले ली. वहां अब भी भूकंप के कई झटके महसूस किये जा रहे हैं. 21 फरवरी को भी वहां ताजा भूकंप के झटके महसूस किये गये, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गयी और 210 लोग घायल हो गये.

Earthquake In Eastern Tajikistan: चीन के पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र के पास ताजिकिस्तान के कम आबादी वाले एक दूरस्थ क्षेत्र में बृहस्पतिवार को 6.8 तीव्रता का भूकंप आया. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में मुर्गोब के 67 किलोमीटर (41 मील) पश्चिम में था और यह 20 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित था.

भूकंप से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं

चीन के सरकारी मीडिया सीसीटीवी ने स्थानीय सूचना अधिकारी के हवाले से बताया कि देश के शिनजियांग के काश्गर प्रांत और किजिलसु किरगिज स्वायत्त प्रांत के कुछ सीमावर्ती इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, लेकिन इस दौरान किसी के हताहत होने की फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है. चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.2 थी और इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था. विभिन्न एजेंसियों के प्रारंभिक भूकंपीय माप अकसर भिन्न होते हैं.

अफगानिस्तान में भी दो बार महसूस किये गये भूकंप के झटके

ताजिकिस्तान के साथ-साथ अफगानिस्तान में भी कुछ अंतराल में भूकंप के दो झटके महसूस किये गये. पहली बार इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.7 मापी गई, जबकि दूसरी बार तीव्रता 5 मापी गई. बताया जा रहा है भूकंप अफगानिस्तान के फायजाबाद में सुबह 6 बजकर 7 मिनट और छह बजकर 25 मिनट पर आया.

20 फरवरी को जम्मू-कश्मीर में महसूस किये गये थे भूकंप के झटके

जम्मू-कश्मीर के कटरा इलाके में सोमवार 20 फरवरी को 3.4 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप की गहराई 25 किलोमीटर थी. भूकंप का केंद्र कटरा से 89 किमी पूर्व था. कटरा में 17 फरवरी को भी 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था.

तुर्किये में आये विनाशकारी भूकंप ने ले ली 45 हजार से अधिक लोगों की जान

हाल के दिनों में तुर्किये में आये विनाशकारी भूकंप ने 45 हजार से अधिक लोगों की जान ले ली. वहां अब भी भूकंप के कई झटके महसूस किये जा रहे हैं. 21 फरवरी को भी वहां ताजा भूकंप के झटके महसूस किये गये, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गयी और 210 लोग घायल हो गये.

क्यों आता हैं भूकंप

पृथ्वी में 7 प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स घूमती रहती हैं. लेकिन ये कभी-कभी आपस में टकराती हैं. बार-बार टकराने की वजह से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं और टूटने भी लगते हैं. यही कारण है कि पृथ्वी पर भूकंप के झटके महसूस किये जाते हैं. भूकंप का केंद्र धरती में जितना नीचे होगा तबाही उतनी ही ज्यादा होगी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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