अमेरिका ने होर्मुज खुलने का किया दावा, ईरान ने किया खारिज; कहा- ट्रांजिट परमिट के बिना गुजरना मुश्किल

US Iran War: ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना ने होर्मुज खुलने का दावा किया है. जबकि तेहरान ने यूएस के दावे का खारिज कर दिया और कहा- होर्मुज से गुजरने के लिए हर हाल में ट्रांजिट परमिट लेना होगा.

US Iran War: US सेंट्रल कमांड ने ट्वीट किया, "होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से कानूनी रूप से गुजरना चाहते हैं. ईरान का इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण नहीं है. आवाजाही जारी है."


होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन फिलहाल संभव नहीं : पीजीएसए

फारसी खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGCA) ने अमेरिकी दावे को खारिज करते हुए एक्स पर लिखा- "हम सभी सम्मानित आवेदकों को सूचित करते हैं कि क्षेत्र में अमेरिकी सेना की अवैध गतिविधियों के कारण, होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन फिलहाल संभव नहीं है. जैसे ही शांति बहाल होगी, सभी आवेदनों के लिए परमिट जारी किए जाएंगे." आगे लिखा- "ट्रांजिट परमिट प्राप्त करने का एकमात्र तरीका वेबसाइट के माध्यम से है. पीजीसीए ने कहा- ताजा समाचार और अपडेट के लिए, सोशल नेटवर्क X पर हमारे अकाउंट को फॉलो करें. हम आपके धैर्य और सहयोग के लिए आभारी हैं."


होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर किया हमला, तेहरान ने भी दागीं मिसाइलें

अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमले के जवाब में रविवार को ईरान पर हमला किया. इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निशाना बनाकर हमले किए. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर हमला किया, जिससे उसमें आग लग गयी और उसके चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा.

अमेरिकी सेना ने ईरान के 140 ठिकानों पर किया हवाई हमला

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि उसने ईरान के करीब 140 ठिकानों पर हवाई हमला किया. निशाना बनाए गए ठिकानों में मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, गोला-बारूद के भंडार, संचार उपकरण (Communication equipment) और अन्य केंद्र शामिल थे.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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