नयी दिल्ली : नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई ने सोमवार को कहा कि शेर बहादुर देउबा मंगलवार को नेपाल के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि हम मंत्रियों के पोर्टफोलियो को लेकर चर्चा कर रहे हैं.
मालूम हो कि नेपाल में पिछले साल दिसंबर माह से ही राजनीतिक संकट चल रहा है. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में आंतरिक कलह को लेकर प्रधानमंत्री ओली की सलाह पर राष्ट्रपति विद्या भंडारी ने 20 दिसंबर, 2020 को संसद भंग कर दिया था. साथ ही ताजा चुनाव कराने का ऐलान किया गया था. हालांकि, फरवरी में नेपाली सुप्रीम कोर्ट ने संसद को बहाल कर दिया था.
नेपाल में चुनाव के खिलाफ नेपाली सुप्रीम कोर्ट में करीब ढाई दर्जन याचिकाएं दाखिल की गयीं. राष्ट्रपति के फैसले के खिलाफ मामले की सुनवाई करते हुए नेपाली सुप्रीम कोर्ट ने शेर बहादुर देउबा को प्रधानमंत्री नियुक्त करने को लेकर आदेश जारी किया.
नेपाली सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल करनेवालों में विपक्षी दलों के गठबंधन ने भी याचिका दाखिल की थी. इसमें राष्ट्रपति द्वारा निचले सदन को भंग करने के आदेश को रद्द करने की मांग की गयी थी. याचिका में करीब डेढ़ सौ (146) सांसदों ने हस्ताक्षर भी किये थे.
सुप्रीम कोर्ट के मामले की सुनवाई करते हुए अंतिम फैसले में शेर बहादुर देउबा को प्रधानमंत्री बनाने का आदेश दिया. साथ ही 18 जुलाई को संसद की बैठक बुलाने का भी आदेश दिया है. सदन में मतदान के दौरान पार्टी व्हिप लागू नहीं करने की बात कही गयी है. संभावना जतायी जा रही है कि पिछले कई माह से चल रहे नेपाल में राजनीतिक गतिरोध अब समाप्त हो जायेगा.
