Saudi Arabia: फांसी देने के मामले में साऊदी अरब है साइलेंट किलर, हर दिन देता है एक को सजा-ए-मौत

Saudi Arabia: फांसी की सजा देने के मामले में चीन और ईरान दुनिया भर में सबसे आगे है. लेकिन शायद ही किसी को मालूम होगा, साऊदी अरब इस मामले पीछे नहीं है. फांसी की सजा देने के मामले साऊदी तीसरे नंबर पर मौजूद है.

Saudi Arabia: सऊदी अरब को दुनिया के सबसे अमीर देशों के रूप में जाना जाता है. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि साऊदी दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जहां सबसे अधिक फांसी की सजा दी जाती है. पिछले साल वहां सबसे अधिक मृत्युदंड की सजा दी गई. इनमें से अधिकतर मामले मादक पदार्थों से संबंधित हैं. यह जानकारी एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दी.

2024 में 345 लोगों की साऊदी में दी गई मौत की सजा

सऊदी अरब में पिछले साल 345 लोगों को मौत की सजा दी गई. एमनेस्टी के अनुसार तीन दशकों से ज्यादा समय में यह सबसे बड़ी संख्या है. इस साल के पहले छह महीनों में ही 180 लोगों को मौत की सजा दी गई.

मादक पदार्थ से जुड़े मामलों में दी जाती है सबसे अधिक फांसी की सजा

इस साल साऊदी अरब में जिन लोगों को फांसी दी गई, उनमें से करीब दो तिहाई को मादक पदार्थ से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया. सऊदी अरब मध्य पूर्व के उन देशों में से एक है, जहां मादक पदार्थ से संबंधित आरोपों पर मौत की सजा दी जा सकती है. इनमें ईरान, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल हैं. मृत्युदंड के मामले में चीन और ईरान के बाद सऊदी का स्थान है.

जिन लोगों को फांसी दी गई, उसमें अधिकतर विदेशी नागरिक

रिप्रीव के अनुसार, इस साल देश में जिन लोगों को फांसी दी गई, उनमें से आधे से ज्यादा विदेशी नागरिक थे. ऐसे ही मामले में, मिस्र के एसाम अहमद, 2021 में सिनाई में मछली पकड़ने वाली नौका पर काम करते समय गायब हो गए थे. एक महीने बाद, अहमद के परिवार को खबर मिली कि उन्हें सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया है और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए मौत की सजा सुनाई गई है. अहमद का दावा है कि नौका के मालिक ने उन्हें बंदूक के बल पर उनके लिए एक पैकेज ले जाने को मजबूर किया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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