पुतिन के करीबी ने ट्रंप को दी खुली धमकी, कहा- अमेरिका पर टॉरपीडो से कर दो हमला, जानें क्या है मामला

Russia Tanker Seizure By US: अटलांटिक महासागर में रूसी तेल टैंकर की जब्ती के बाद रूस और अमेरिका आमने-सामने आ गए हैं. रूसी सांसद की सैन्य धमकी, अंतरराष्ट्रीय कानून पर सवाल और अमेरिकी प्रतिबंध नीति ने हालात और तनावपूर्ण बना दिए हैं. यह टकराव वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है.

By Govind Jee | January 8, 2026 1:01 PM

Russia Tanker Seizure By US: अटलांटिक महासागर में एक तेल टैंकर की जब्ती ने दुनिया की राजनीति में भूचाल ला दिया है. मामला सिर्फ तेल का नहीं है, बल्कि सीधे रूस और अमेरिका की ताकत की टक्कर का बन चुका है. अमेरिका ने रूसी झंडे वाले एक तेल टैंकर को पकड़ लिया और इसके बाद रूस की संसद से ऐसा बयान आया जिसने तनाव को और भड़का दिया.

Russia Tanker Seizure By US in Hindi: रूसी सांसद की अमेरिका को खुली धमकी

रूस के सांसद अलेक्सी जुरावेलेव, जिन्हें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का करीबी माना जाता है, ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका जिस तरह से समुद्र में मनमानी कर रहा है, उसे अब रोका जाना चाहिए. जुरावेलेव ने कहा कि टॉरपीडो से हमला करो, दो-चार अमेरिकी कोस्ट गार्ड जहाज डुबो दो. वे हजारों किलोमीटर दूर हमारी तरफ क्या कर रहे हैं? उनका कहना था कि वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका खुद को अजेय समझने लगा है और उसे अब नाक पर झटका देना जरूरी हो गया है. (Russia Tanker Seizure By US Atlantic Putin Ally Warns Trump in Hindi)

किस टैंकर को अमेरिका ने पकड़ा

अमेरिकी सेना और कोस्ट गार्ड ने रूसी झंडे वाले तेल टैंकर ‘मारिनेरा’ को जब्त किया. यह टैंकर पहले Bella 1 के नाम से जाना जाता था. यह कार्रवाई स्कॉटलैंड के उत्तर में, अंतरराष्ट्रीय समुद्री इलाके में की गई. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह जब्ती अमेरिकी संघीय अदालत के वारंट के तहत की गई.

अमेरिका का दावा: प्रतिबंधित तेल नेटवर्क का हिस्सा था जहाज

अमेरिका का कहना है कि मारिनेरा उन जहाजों के नेटवर्क का हिस्सा था, जो वेनेजुएला और ईरान से जुड़े प्रतिबंधित तेल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा रहे थे. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह हाल के हफ्तों में चौथा तेल टैंकर है जिसे पकड़ा गया इससे कुछ घंटे पहले ही पनामा झंडे वाला टैंकर ‘M Sophia’ भी रोका गया. M Sophia, वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA का तेल लेकर जा रहा था

रूस का पलटवार- यह कानून के खिलाफ है

रूस ने अमेरिका की इस कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताया है. रूसी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, मारिनेरा को 24 दिसंबर 2025 को रूसी झंडे के तहत चलने की अनुमति मिली थी. जहाज किसी भी देश के समुद्री इलाके में नहीं, बल्कि खुले समुद्र में था. रूस ने कहा कि 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून के अनुसार, खुले समुद्र में जहाजों की आवाजाही आजाद होती है और किसी दूसरे देश को जबरन जहाज पकड़ने का हक नहीं है. रूसी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी नौसेना ने खुले समुद्र में जहाज पर चढ़ाई की, जो सीधे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है. इसके बाद टैंकर से संपर्क भी टूट गया और रूस इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है.

पनडुब्बी की मौजूदगी से बढ़ा तनाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस इलाके में यह कार्रवाई हुई, वहां रूस की नौसेना की पनडुब्बी भी मौजूद थी. हालांकि क्रेमलिन ने अभी तक झुरावलेव के बयान का खुला समर्थन नहीं किया है, लेकिन रूस के नेताओं की भाषा साफ बता रही है कि गुस्सा बढ़ रहा है.

अमेरिकी सेना ने क्या कहा

अमेरिकी सेना के यूरोपीय कमांड (EUCOM) ने एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह कार्रवाई न्याय विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी और रक्षा विभाग के साथ मिलकर की गई. बयान में कहा गया कि यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति के तहत उठाया गया है, जिसका मकसद ऐसे जहाजों को रोकना है जो पश्चिमी इलाकों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, मारिनेरा ईरान से तेल लेकर निकला था और उसे वेनेजुएला पहुंचना था. अमेरिकी निगरानी से बचने के लिए उसने रास्ता बदला लेकिन अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने पीछा कर आखिरकार उसे अटलांटिक में पकड़ लिया.

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