बांग्लादेश की बल्ले-बल्ले, रूस देगा उसका साथ; AI, रोजगार और व्यपार से लेकर BRICS में एंट्री तक मिलेगा सहयोग

Russia Bangladesh Cooperation: रूस और बांग्लादेश के बीच तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), व्यापार और रोजगार को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है. रूस ने बांग्लादेश को राष्ट्रीय AI नीति तैयार करने, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में AI लागू करने तथा ब्रिक्स सदस्यता के लिए समर्थन देने का संकेत दिया है.

Russia Bangladesh Cooperation: रूस और बांग्लादेश के रिश्तों में तकनीक, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में नई गति देखने को मिल सकती है. बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान की रूस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), श्रमिकों की भर्ती, व्यापार विस्तार और ब्रिक्स सदस्यता जैसे विषय प्रमुख रहे. तीन दिवसीय रूस दौरे पर गए खलीलुर रहमान के साथ प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर भी मौजूद हैं. इस यात्रा के दौरान हुई बातचीत के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कई अहम जानकारियां साझा कीं.

कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में AI लागू करने की तैयारी

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. इस दौरान खलीलुर रहमान ने प्रस्ताव रखा कि कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं में AI के उपयोग से जुड़े विशेषज्ञों का एक रूसी प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेश का दौरा करे.

मंत्रालय के बयान में कहा गया, ‘तकनीक विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग का मुद्दा यात्रा के दौरान प्रमुखता से उठा. विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने सुझाव दिया कि कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के उपयोग पर काम करने वाला एक प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेश आए, जिस पर रूसी अधिकारियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.’

राष्ट्रीय AI नीति बनाने में भी सहयोग देगा रूस

बयान के मुताबिक, रूस ने बांग्लादेश को उसकी राष्ट्रीय AI नीति तैयार करने में मदद की पेशकश भी की है. इसके अलावा, बांग्लादेश में AI से जुड़े उत्कृष्ट संस्थान स्थापित करने के लिए भी सहयोग देने में रुचि दिखाई है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘रूसी अधिकारियों ने बांग्लादेश की राष्ट्रीय AI नीति तैयार करने और देश में AI उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना में सहयोग करने की इच्छा जताई है.’

रूस में एक लाख बांग्लादेशी कामगार भेजने का प्रस्ताव

तकनीक के अलावा रोजगार के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई. बांग्लादेश ने अगले एक वर्ष के भीतर रूस में अपने श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर एक लाख तक पहुंचाने का प्रस्ताव रखा है. विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने रूसी अधिकारियों के समक्ष यह प्रस्ताव रखा, जिस पर उन्होंने तेजी से काम करने की सहमति दी है. वर्तमान में करीब 10 हजार बांग्लादेशी नागरिक रूस में कार्यरत हैं. इस संबंध में आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी होने की उम्मीद है.’

दवा और परिधान उद्योग पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक के दौरान दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई. विशेष रूप से दवा उद्योग और रेडीमेड गारमेंट्स सेक्टर को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया. खलीलुर रहमान ने रूसी बाजार में बांग्लादेशी उत्पादों, खासकर रेडीमेड कपड़ों और दवाओं के निर्यात में तेजी से वृद्धि की संभावनाओं को रेखांकित किया. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस प्रस्ताव का रूस ने स्वागत किया और आने वाले हफ्तों में बांग्लादेशी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने में रुचि दिखाई.

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ब्रिक्स सदस्यता पर भी रूस का सकारात्मक संकेत

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने सोमवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के हवाले से एक महत्वपूर्ण जानकारी दी. रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल ब्रिक्स में नए सदस्य देशों को शामिल करने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रुकी हुई है. हालांकि, लावरोव ने संकेत दिया कि जैसे ही यह प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी, रूस बांग्लादेश की उम्मीदवारी का स्वागत करेगा. तास की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्गेई लावरोव ने कहा कि नए सदस्यों के प्रवेश पर लगी मौजूदा रोक समाप्त होते ही रूस ब्रिक्स सदस्यता के लिए बांग्लादेश को एक संभावित उम्मीदवार के रूप में समर्थन देगा.

रूस और बांग्लादेश आने वाले समय में केवल व्यापार और रोजगार ही नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक मंचों पर भी अपने सहयोग को नई दिशा देना चाहते हैं. अगर प्रस्तावित योजनाएं अमल में आती हैं, तो बांग्लादेश के कृषि, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

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By Anant narayan shukla

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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