चूहों के मल-मूत्र से भरी दुकान, जैसे ही पुलिस ने शटर खोला भाग के निकले 50 लोग, जानें पूरा मामला

मामले में पुलिस ने एक साठ साल के बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने जब मामले की छानबीन की तो पाया कि दूसरी और तीसरी मंजिल के तीन कमरों के अंदर और लोग बंद हैं. जानें मैनचेस्टर की इस दुकान में आखिर हुइआ क्या

मैनचेस्टर से एक ऐसी खबर आ रही है जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर जोरों से हो रही है. दरअसल यहां एक दुकान से 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया है जो चूहों से संक्रमित दुकान में बंद थे. बताया जा रहा है कि मैनचेस्टर के काउंटरफीट स्ट्रीट इलाके में नकली डिजाइनर कपड़ों से भरे बुटीक की यह घटना है.

मैनचेस्टर इवनिंग न्यूज ने जो खबर प्रकाशित की है, उसके अनुसार चूहों से संक्रमित इस दुकान में इन्हें जबरदस्ती बंद करके रखा गया था. ये लोग ग्राउंड फ्लोर में बंद थे. बताया जा रहा है कि पुलिस जब गस्त कर रही थी तो उसे कुछ शक हुआ. पुलिस ने देखा कि एक शख्स शटर बंद कर रहा है जो संदिग्ध की तरह नजर आ रहा है. यह देखते ही पुलिस हरकत में आयी. जैसे ही पुलिस ने शटर खुलवाया वहां से लोग भगते हुए दुकान के बाहर आये. इसके बाद सारा माजरा सबके सामने आया.

साठ साल का बुजुर्ग गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने एक साठ साल के बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने जब मामले की छानबीन की तो पाया कि दूसरी और तीसरी मंजिल के तीन कमरों के अंदर और लोग बंद हैं. इन लोगों को इनकी मर्जी के बिना कमरे में बंद करके रखा गया था. जब पुलिस ने दुकान के परिसर की तलाशी ली तो चौंकाने वाले खुलासे हुए. तलाशी के दौरान पाया गया कि पूरे दुकान में चूहे के मल-मूत्र भरे पड़े हैं. दुकान में जो बिक्रि के लिए कपड़े रखे गये थे उसमें से दुर्गंध आ रही थी. पुलिस ने इमारत से 20 टन नकली डिजाइनर कपड़े, जूते, परफ्यूम और मेकअप जब्त किया है.


लोगों को बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी

बताया जा रहा है कि दुकान के फर्श की स्थिति बहुत ही खराब थी. यहां बेचे जाने वाले सामानों से भरे बक्सों और बैगों के लिए फर्श भी नहीं नजर आ रहे थे. जब पुलिस यहां पहुंची तो लोगों को यहां फंसा हुआ पाया. कुछ लोग ऊपर के मंजिल में फंसे हुए थे जिन्हें बचाने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस की ओर से कहा गया कि ऐसा केस पहली बार देखने को मिला है. हम लोगों से अपील करते हैं कि ऐसी दुकान में प्रवेश करने से परहेज करें.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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