भूटान के पहले डिजिटल नागरिक बने प्रिंस जिग्मे वांगचुक, प्रधानमंत्री मोदी से भी कर चुके हैं मुलाकात

प्रिंस जिग्मे वांगचुक भूटान के पहले डिजिटल सिटीजन के रूप में सामने आये हैं. इस बात की जानकारी 'द भूटान लाइव' ने दी. बता दें प्रिंस जिग्मे वांगचुक साल 2017 में प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात कर चुके हैं.

Bhutan’s First Digital Citizen: भूटान के राजकुमार जिग्मे वांगचुक देश के पहले डिजिटल सिटीजन के रूप में सामने आये हैं. जिग्मे नामग्याल वांगचुक ने भूटान नेशनल डिजिटल आइडेंटिटी मोबाइल वॉलेट के साथ जुड़कर इस उपाधि को हासिल किया है. ‘द भूटान लाइव’ ने इस बात की जानकारी दी है. द भूटान लाइव की माने तो भूटान NDI वहां की नागरिकों को सुरक्षित और सत्यापन योग्य आइडेंटिटी क्रेडेंशियल प्रोवाइड करने के लिए काफी आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है. इस टेक्नोलॉजी की वजह से व्यक्तिगत जानकारी की प्राइवसी और सिक्योरिटी सुनिश्चित हो जाती है. स्व-संप्रभु पहचान का इस्तेमाल करता है जो कि DID टेक्नोलॉजी पर आधारित है. यह टेक्नोलॉजी लोगों को आजादी देता है कि कौन उनसे जुड़ी पर्सनल जानकारी को एक्सेस कर सकता है.

महामहिम को पाकर सम्मानित

GovTech भूटान के कार्यवाहक सचिव जिग्मे तेनजिंग ने द भूटान लाइव के हवाले से कहा- हम भूटान के पहले डिजिटल नागरिक के रूप में महामहिम को पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं. स्व-संप्रभु पहचान मॉडल के आधार पर भूटान की राष्ट्रीय डिजिटल पहचान की शुरूआत, सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने के तरीके को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है. सरकार की यह प्रमुख पहल नागरिकों को सुरक्षित और सत्यापन योग्य डिजिटल पहचान प्रदान करेगी, जो हमारे डिजिटल भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखेगी. हमें भूटान NDI के लिए प्रौद्योगिकियों के विकास पर डीएचआई की उत्कृष्ट टीम के साथ मिलकर काम करने की खुशी है. हम आशा करते हैं कि निजता की रक्षा करते हुए जीवन को बदलने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का यह उदाहरण दूसरों को इसका अनुसरण करने के लिए प्रेरित और प्रेरित करेगा.

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प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनने की आकांक्षा

भूटान स्थित डीएचआई इनोटेक के निदेशक उज्ज्वल डी. दहल ने कहा- हमें इस महत्वपूर्ण परियोजना पर एक विकास भागीदार के रूप में गॉवटेक भूटान के साथ काम करने पर गर्व है जो भूटान के नागरिकों और सभी आगंतुकों को सरकार और सरकार के साथ बातचीत करने के तरीके को बदलने में मदद करेगा. भूटान NDI यह सुनिश्चित करेगा कि नागरिक और निवासी उन सेवाओं तक पहुंच सकें जिनकी उन्हें सुरक्षित और कुशल तरीके से आवश्यकता है. हम अपनी सीमाओं के भीतर और बाहर की समस्याओं को हल करने में इस प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनने की आकांक्षा रखते हैं.

2017 में कर चुके हैं पीएम मोदी से मुलाकात

साल 2017 में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक चार दिवसीय दौरे पर भारत आए थे. यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी. राजा खेसर के साथ उनकी पत्नी महारानी जेटसन पेमा वांगचुक और प्रिंस जिग्मे नामग्याल वांगचुक भी भारत आये थे. प्रधानमंत्री मोदी को प्रिंस जिग्मे वांगचुक के साथ खेलते हुए भी देखा गया था और प्रिंस ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ भी मिलाया था. प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के दौरान प्रिंस जिग्मे ने उनसे कहा था कि वह पिछले जन्म में नालंदा विश्वविद्यालय का छात्र था. केवल यहीं नहीं प्रिंस जिग्मे ने 8वीं शताब्दी से जुड़ी काफी बातें प्रधानमंत्री मोदी को बताई थी. साल 2017 में प्रिंस जिग्मे महज 3 वर्ष के थे.

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