PoK पर नई साजिश? गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां प्रांत बनाने की तैयारी, पाक विधानसभा में प्रस्ताव पास

Pakistan: पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (PoK) को अस्थायी रूप से देश का पांचवां प्रांत बनाने की दिशा में पाकिस्तान कदम उठा रहा है. क्षेत्र की तथाकथित विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर संघीय सरकार से संवैधानिक और राजनीतिक अधिकार देने की मांग की है.

Pakistan: पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान की तथाकथित विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर पाकिस्तान की संघीय सरकार से क्षेत्र को संवैधानिक और राजनीतिक अधिकारों के साथ-साथ अस्थायी सूबे (प्रोविजनल प्रोविंस) का दर्जा देने की मांग की है. इस संबंध में पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार डॉन ने शुक्रवार को रिपोर्ट प्रकाशित की. रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को विधानसभा सत्र के दौरान विधायक जलाल अली शाह ने यह प्रस्ताव पेश किया. सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सदस्यों ने इसका समर्थन किया और इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया.

2009 और 2018 के आदेशों का दिया हवाला

प्रस्ताव में कहा गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान (सशक्तीकरण और स्व-शासन) आदेश, 2009 के तहत चुनी हुई विधानसभा का गठन हुआ, जिससे क्षेत्र में स्व-शासन की प्रक्रिया को बढ़ावा मिला. इसके अलावा, सरताज अजीज की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर गिलगित-बाल्टिस्तान आदेश, 2018 लागू किया गया, जिसके जरिए विधानसभा को अधिक विधायी अधिकार प्रदान किए गए.

संघीय स्तर पर प्रतिनिधित्व की मांग

विधानसभा ने पाकिस्तान सरकार से समिति की सिफारिशों को लागू करने और गिलगित-बाल्टिस्तान को अस्थायी सूबे का दर्जा देने की अपील की है. प्रस्ताव में कहा गया है कि ऐसा होने पर क्षेत्र के लोग पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के लिए अपने प्रतिनिधि चुन सकेंगे और उन्हें संघीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सकेगा. पाकिस्तान ने यह हरकत ऐसे समय में की है जब वो बलूचिस्तान में बढ़ती अशांति और खैबर पख्तूनख्वा में तेज होते उग्रवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे में गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर उठाया गया यह कदम घरेलू संकटों से लोगों का ध्यान भटकाने और कब्जे वाले क्षेत्र पर अपने नियंत्रण को मजबूत दिखाने की कोशिश है.

भारत अपने पुराने रुख पर कायम

गिलगित-बाल्टिस्तान का प्रशासन फिलहाल पाकिस्तान अलग से संचालित करता है. वहीं, भारत लगातार हमेशा से यह साफ करता रहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं. भारत ने इन क्षेत्रों की संवैधानिक या प्रशासनिक स्थिति बदलने की पाकिस्तान की हर कोशिश को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसे कदमों का कोई कानूनी आधार नहीं है और उनसे जमीनी हकीकत नहीं बदली जा सकती है.


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लेखक के बारे में

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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