Nuclear Plant in Ukraine रूस की सेना लगातार यूक्रेन के शहरों पर कहर बरपा रही है. इस बीच यूक्रेन की तरफ से दावा किया गया कि रूस ने उनके न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमला कर दिया है. साथ ही बताया गया कि इस हमले को रोकने की कोशिश में यूक्रेन के तीन सैनिकों की भी मौत हो गई. इधर, यूक्रेन का दावा है कि रूसी सेना की ओर में की गई बमबारी के कारण न्यूक्लियर प्लांट में आग लग गई और ब्लास्ट भी हुए. वहीं, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने इस मसले को लेकर यूक्रेन और रूस के साथ बातचीत करने की पेशकश की है.
बड़ी तबाही की संभावाना!
आईएईए (IAEA) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी का कहना है कि किसी भी हाल में यूक्रेन की न्यूक्लियर साइट्स की सुरक्षा की जानी चाहिए. नहीं तो बड़ी तबाही देखने को मिल सकती है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा से समझौता किया गया है और ये कार्रवाई करने का वक्त है. यू्क्रेन ने इसे लेकर हमें जानकारी दी है. जिसके बाद मैंने दोनों देशों को जल्द से जल्द उपलब्ध होने की बात कही है. राफेल मारियानो ने कहा कि इस वक्त मेरी मौजूदगी वहां जरूरी है.
इस मसले पर जेलेंस्की ने बाइडेन से की बातचीत
मालूम हो कि यूक्रेन ने न्यूक्लियर प्लांट पर हुए इस हमले को लेकर चिंता जताई है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने यूएस के प्रेसिडेंट जो बाइडेन से भी इस मसले पर बातचीत की. जेलेंस्की ने कहा कि रूस जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर बमबारी कर चेर्नोबिल आपदा को दोहराना चाहता है. इसके अलावा यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भी इसे एक बड़ा खतरा बताया और कहा कि अगर इसे जल्द काबू में नहीं किया गया तो यूक्रेन में चेर्नोबिल से दस गुना बड़ा धमाका हो सकता है, जिससे पूरा देश खत्म हो जाएगा.
