औंधे मुंह गिरा पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर फिर फैला रहा था झूठ, सरेआम हुआ बेनकाब

Pakistan’s Operation Sindoor Propaganda: पाकिस्तान का ऑपरेशन सिंदूर पर गलत सूचना देने वाला प्रोपेगेंडा एक बार फिर फेल हो गया है. नकली सैटेलाइट तस्वीरों को एडिट करते हुए, झूठ परोसने की हताश कोशिश फिर बेनकाब हुई है. पाकिस्तान ने अमृतसर एयरबेस, जालंधर, ब्यास, पठानकोट और तिब्री को लेकर दावे किए थे.

Pakistan’s Operation Sindoor Propaganda: सैन्य मोर्चे पर असफलता के बाद पाकिस्तान एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर भ्रामक दावे फैलाने की कोशिश कर रहा है. सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कथित सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए भारत के सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने का झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है. पाकिस्तान ने सोशल मीडिया पर अप्रमाणित और छेड़छाड़ की गई सैटेलाइट तस्वीरें साझा करते हुए यह दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैन्य ठिकानों पर सफल हमले किए गए. हालांकि 2 जनवरी को भारत के विदेश मंत्रालय और सैन्य सूत्रों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह मई 2025 में हुए निर्णायक सैन्य घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान की हताशा का नतीजा है.

ताजा प्रोपेगेंडा अभियान के तहत अमृतसर, पठानकोट और उधमपुर जैसे संवेदनशील भारतीय एयरबेस को कथित रूप से क्षतिग्रस्त दिखाने वाली तस्वीरें प्रसारित की गईं. लेकिन इंडिपेंडेंट फैक्ट चेकर्स और पुख्ता सैटेलाइट इमेजरी ने इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी. जांच में साफ हुआ कि ये तस्वीरें या तो पुरानी हैं, डिजिटल रूप से एडिट की गई हैं या फिर हालिया घटनाओं से उनका कोई लेना-देना नहीं है. पाकिस्तान ने अमृतसर एयरबेस, जालंधर, ब्यास, पठानकोट और तिब्री को लेकर दावे किए थे. 

अमृतसर एयरबेस को लेकर डायरेक्ट हिट के दावे किए गए, जबकि स्वतंत्र सैटेलाइट डेटा से स्पष्ट है कि एयरबेस पूरी तरह सुरक्षित है. वहां केवल सामान्य रखरखाव से जुड़ी गतिविधियां दिखाई देती हैं, जैसे छोटे हथियार भंडारण शेड्स की छत की शीट हटाना. वहीं पठानकोट और तिब्री को लेकर भी नुकसान के दावे किए गए, लेकिन भारतीय सेना के सूत्रों ने पुष्टि की है कि दोनों ठिकानों पर किसी तरह का ढांचागत नुकसान या विस्फोट के कोई संकेत नहीं मिले हैं. इससे जिससे पाकिस्तानी दावे पूरी तरह मनगढ़ंत साबित होते हैं. जालंधर और ब्यास में भी पाकिस्तानी झूठ पूरी तरह बेनकाब हो गया है.

पुराना फुटेज, नया दावा

भारतीय फैक्ट चेक यूनिट (FCU) ने यह भी पाया कि पाकिस्तान ने कई मामलों में पुरानी और असंबंधित फुटेज का इस्तेमाल किया. इसमें 2021 में पंजाब के मोगा में हुए मिग-21 विमान हादसे और 2023 में गाजा पर इजरायली हवाई हमलों के वीडियो शामिल हैं, जिन्हें झूठे तौर पर पंजाब में हालिया पाकिस्तानी कार्रवाई के रूप में पेश किया गया. सोशल मीडिया यूजर डेमियन सायमन ने भी इन दावों को खारिज करते हुए साक्ष्य साझा किए. उन्होंने कहा कि जानबूझकर भ्रामक तस्वीरों को अमृतसर, पंजाब स्थित भारतीय सैन्य ठिकानों पर पाकिस्तानी हमलों के सबूत के तौर पर फैलाया जा रहा है, जबकि सत्यापन से साफ है कि कथित लक्ष्यों पर किसी भी तरह की तबाही नजर नहीं आती. उनके द्वारा साझा की गई तस्वीरें इस दुष्प्रचार की पोल खोलती हैं.

सूचना युद्ध का मकसद

विश्लेषकों का मानना है कि इस्लामाबाद द्वारा अपनाई गई यह झूठ और भ्रम की रणनीति अपने सैन्य नेतृत्व को घरेलू आलोचना से बचाने और एक मजबूत जवाबी कार्रवाई का भ्रम पैदा करने की कोशिश है. 2025 के सैन्य टकराव के बाद से भारत अब तक 1,400 से ज्यादा ऐसे यूआरएल की पहचान कर चुका है, जिनमें भ्रामक या भारत-विरोधी सामग्री प्रसारित की जा रही थी. भारत से इस युद्ध में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अपनी गद्दी पर पकड़ को और मजबूत कर लिया है. पाकिस्तान में अब वे फील्ड मार्शल का पद ले चुके हैं, इतना ही नहीं संवैधानिक आवरण देते हुए, उन्हें पाकिस्तान का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज भी बना दिया गया है और यह पद उन्हें ताउम्र मिला रहेगा.

ऑपरेशन सिंदूर 2025 की पृष्ठभूमि

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत मई 2025 में पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी. इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने चार दिनों तक चले अभियान में पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी लॉन्चपैड्स और रडार ठिकानों पर सटीक हमले किए. बहावलपुर और मुरिदके जैसे आतंकी केंद्र इस कार्रवाई का प्रमुख लक्ष्य थे.

इसके बाद पाकिस्तान ने भारत पर जवाबी हमला करने की कोशिश की, जो नाकाम रही. जवाब में भारत ने नूर खान, भोलारी और जैकबाबाद जैसे कई पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाया. भारत ने इन हमलों से जुड़े साक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रस्तुत किए थे. जनवरी 2026 में सामने आए ताजा सैटेलाइट सबूतों से संकेत मिलता है कि ये पाकिस्तानी एयरबेस अब भी भारतीय हमलों से हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं.

ये भी पढ़ें:-

चीन ने नेवी में शामिल किया ‘लौडी’, टाइप 052D गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर, US को पछाड़ने वाले ड्रैगन का नया कारनामा

‘मुस्लिम-विरोधी’ परिभाषा तय करने पर मचा बवाल, हिंदू-सिख संगठनों की ब्रिटिश सरकार को चेतावनी, मामला क्या है

यमन में सऊदी अरब का भीषण हवाई हमला, UAE समर्थक STC के 20 लड़ाके मारे गए

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >