Pakistan Wheat Crisis : पाकिस्तान में गेहूं के उत्पादन में आई कमी के कारण आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार खाद्य सुरक्षा संकट को रेकने के लिए बड़े पैमाने पर आयात की मांग उठाई जा रही है. उद्योग प्रतिनिधियों और प्रांतीय अधिकारियों द्वारा खाद्य संकट की चेतावनी भी जारी की गई है.
इस्लामाबाद में हुई गेहूं बोर्ड की बैठक
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्री राणा तनवीर हुसैन की अध्यक्षता में इस्लामाबाद में गेहूं बोर्ड की एक बैठक की गई. जिसमें गेहूं भंडार, उत्पादन और मांग के बीच बढ़ते अंतर पर ध्यान केंद्रित किया गया. आटा मिलों, अनाज व्यापारियों, किसान संगठनों और अनाज संघ के प्रतिनिधियों ने अनुमान लगाया कि पाकिस्तान को 35 लाख टन से अधिक गेहूं की कमी का सामना करना पड़ सकता है.
20 लाख टन गेहूं की जरूरत
बैठक के दौरान तर्क दिया गया कि आपूर्ति को फिलहाल स्थिर करने के लिए कम से कम 20 लाख टन गेहूं की जरूरत है. प्राइवेट सेक्टर के प्रतिनिधियों ने भी सरकार से आग्रह किया कि आयात नीति पारदर्शी और कॉम्पिटिटिव बनी रहे. उन्होंने कहा कि आयात परमिट कुछ ही कंपनियों तक सीमित रखने के बजाय सभी पात्र आटा मिल मालिकों और व्यापारियों को उपलब्ध कराए जाने चाहिए.
30 हजार टन गेहूं का भंडार बाकी
पाकिस्तान में गेहूं की कमी को लेकर चारों प्रांतों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए. बैठक में खैबर पख्तूनख्वा के मुख्य सचिव ने बताया कि प्रांत के पास इस समय केवल 30 हजार टन गेहूं का भंडार बचा है. हालांकि, केंद्र सरकार की मदद से PASSCO से 2.5 लाख टन गेहूं की व्यवस्था कर ली गई है. उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब पूरे देश की आटे की जरूरत का 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा पूरा करता है.
लगातार बढ़ रही कीमतें
वहीं, सिंध के अधिकारियों ने बताया कि गेहूं की उपलब्धता कम होने से उसकी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. हालात को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने जमाखोरी करने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया है.
पंजाब प्रांत का उत्पादन टारगेट पूरा
दूसरी ओर, पंजाब सरकार के अधिकारियों ने कहा कि प्रांत ने इस साल 2.19 करोड़ टन गेहूं उत्पादन का टारगेट पूरा कर लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सरकार लोगों को सस्ती दरों पर आटा और रोटी उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी रखे हुए है.
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