रक्षा विश्लेषक और पूर्व आईएसआई प्रमुख के बेटे अब्दुल्ला हमीद गुल ने कहा कि यह समझौता खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की सुरक्षा क्षमता पर उठ रहे सवालों का सीधा नतीजा है. अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को पहुंचे नुकसान ने क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर किया है. गुल के अनुसार, आने वाले समय में कतर और कुवैत भी पाकिस्तान के साथ इसी तरह के सुरक्षा समझौतों में शामिल हो सकते हैं.
डील से दुनिया में पाकिस्तान का मान-सम्मान बढ़ेगा
विदेश मामलों के विशेषज्ञ मोहम्मद मेहदी के अनुसार, इस डील से दुनिया में पाकिस्तान का मान-सम्मान बढ़ेगा. अब दुनिया पाकिस्तान को एशिया का एक जरूरी और बड़ा खिलाड़ी मानेगी, और तुर्किये के जुड़ने से यूरोप में भी पाकिस्तान की छवि सुधरेगी.
भारत के खिलाफ पाकिस्तान के लिए सुरक्षा कवच
रिटायर्ड ब्रिगेडियर फारूक हमीद का कहना है कि समझौते की शर्त भारत के खिलाफ एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी. इससे भारत भविष्य में पाकिस्तान पर हमला करने से हिचकेगा और दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध का खतरा टल जाएगा.
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