Pakistan Saudi Arabia Aid: मिडल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब को लेकर अपना स्टैंड साफ कर दिया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सहयोगी मुशर्रफ जैदी ने ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान सऊदी अरब की मदद के लिए हर हाल में तैयार है. जैदी ने कहा कि यह सवाल ही नहीं है कि पाकिस्तान मदद करेगा या नहीं, बल्कि हम सऊदी की मदद के लिए तब भी मौजूद रहेंगे जब उन्हें उसकी जरूरत भी महसूस नहीं हुई होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी स्थिति हो, कभी भी हो, पाकिस्तान साथ खड़ा रहेगा.
पाकिस्तान का जोर: युद्ध टालने पर है मुख्य फोकस
मुशर्रफ जैदी ने आगे कहा कि मौजूदा स्थिति में सबसे अहम सवाल यह है कि पाकिस्तान क्या कदम उठा रहा है ताकि उसके करीबी सहयोगी किसी ऐसे संघर्ष में और न उलझें जिससे क्षेत्र की स्थिरता और समृद्धि खतरे में पड़े. जब उनसे यह पूछा गया कि क्या पाकिस्तान सऊदी अरब को सीधे सैन्य सहायता देने जा रहा है, तो उन्होंने इसे “अनुमानित और गैर-जिम्मेदाराना” करार देते हुए इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने याद दिलाया कि दोनों देश एक रक्षा समझौते से बंधे हैं और पहले से ही गहरे सैन्य और आर्थिक संबंधों को साझा करते हैं.
सऊदी-पाकिस्तान के बीच गहराते रक्षा संबंध
सऊदी अरब और पाकिस्तान ने पिछले साल सितंबर में एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे अक्सर “इस्लामिक नाटो” के संदर्भ में देखा जाता है. हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस समझौते का मुख्य जोर पारंपरिक सहयोग जैसे कि जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज, खुफिया जानकारी साझा करना और ड्रोन तकनीक पर है, न कि परमाणु प्रतिबद्धताओं पर. इसके अलावा, सऊदी अरब पहले से ही पाकिस्तान को तेल, डीजल और कच्चे तेल की सप्लाई बनाए रखने में मदद कर रहा है, जिससे पाकिस्तान को अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने में काफी राहत मिल रही है.
सऊदी बेस पर हुआ मिसाइल हमला
वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले में सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर पांच अमेरिकी वायु सेना के रिफ्यूलिंग विमान (KC-135 स्ट्रैटोटैंकर) क्षतिग्रस्त हो गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, ये विमान पूरी तरह तबाह नहीं हुए हैं, लेकिन इनकी मरम्मत की जा रही है. इस हमले में किसी की जान जाने की खबर नहीं है. इससे पहले, अमेरिकी वायु सेना के ही दो और विमानों के आपस में टकराने की घटना सामने आई थी, जिसमें छह क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी. कुल मिलाकर हाल के दिनों में अमेरिकी सेना के कम से कम सात विमानों को नुकसान पहुंचा है.
तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें जारी
तनाव के बीच, पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने सऊदी अरब का दौरा किया और वहां के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान अल सऊद से मुलाकात की. इस बैठक में ईरान द्वारा किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए ठोस उपायों पर चर्चा हुई. दूसरी ओर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार लगातार ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के संपर्क में हैं. मुशर्रफ जैदी का दावा है कि इन्हीं कूटनीतिक बातचीत के कारण ईरान ने खाड़ी देशों की तरफ कुछ सुलह वाले संकेत दिए हैं. फिलहाल, पूरा क्षेत्र एक बड़ी वैश्विक चुनौती का सामना कर रहा है और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पाकिस्तान का यह रक्षा समझौता तनाव के दौरान कितना कारगर साबित होता है.
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