मीडिया से बातचीत के दौरान गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक का पर्दाफाश करने का दावा किया. उन्होंने कहा कि देश की व्यवस्था में भ्रष्टाचार इस कदर जड़ जमा चुका है कि इसमें न्यायपालिका, नौकरशाही, नेता और बैंकर, सभी समान रूप से शामिल हैं.
"मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान के इतिहास में कभी इतना बड़ा घोटाला हुआ है, जिसमें जज, नौकरशाह, राजनेता और बैंकर सभी शामिल रहे हों. 21 सालों से पैसे का अवैध लेन-देन चलता रहा और लोग इसे लेते रहे. हम इसके लिए जिम्मेदार हर एक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे." मोहसिन नकवी
पाकिस्तान में तख्तापलट का इतिहास
- पहला तख्तापलट (1958) - राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्जा ने संविधान भंग कर मार्शल लॉ लागू किया और जनरल अय्यूब खान को मुख्य मार्शल लॉ प्रशासक बनाया. 13 दिन बाद अय्यूब खान ने इस्कंदर मिर्जा को ही देश से निर्वासित कर दिया और खुद सत्ता संभाल ली. 1958 से 1969 तक अय्यूब खान का शासन रहा.
- दूसरा तख्तापलट (1977) - जनरल जिया-उल-हक ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की चुनी हुई सरकार का तख्तापलट कर दिया. भुट्टो को गिरफ्तार किया गया और 1979 में फांसी दे दी गई. 1977 से 1988 जिया-उल-हक सत्ता में रहे. उनकी मौत विमान दुर्घटना में हुई.
- तीसरा तख्तापलट (1999) - कारगिल युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ को बर्खास्त करने की कोशिश की. इसके जवाब में सेना ने नवाज शरीफ की सरकार को उखाड़ फेंका और मुशर्रफ ने देश की कमान संभाल ली. 1999 से 2008 तक परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे.
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