पाकिस्तान में सियासी बवाल, इमरान खान ने कर दिया बड़ा ऐलान, आधी रात मुनीर सेना हुई तैनात

Pakistan Protest Imran Khan: पाकिस्तान में एक बार फिर से बवाल बढ़ने की आशंका है. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्नी सहित तोशाखाना केस में 17 साल की सजा सुनाए जाने के बाद, खान ने लोगों से देशव्यापी प्रदर्शन करने की अपील की है. पाकिस्तानी सरकारी महकमा तुरंत ऐक्शन में आ गया है, रात भर में सुरक्षा कर्मियों को रावलपिंडी और अन्य इलाकों में तैनात कर दिया गया है.

Pakistan Protest Imran Khan: पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उबाल देखने को मिल रहा है. भ्रष्टाचार से जुड़े ‘तोशाखाना-2’ मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाए जाने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. फैसले के तुरंत बाद खान ने अपने समर्थकों से देशभर में विरोध प्रदर्शन के लिए तैयार रहने की अपील की, जिसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है.

संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए शनिवार को रावलपिंडी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1,300 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, इस सुरक्षा घेराबंदी में दो पुलिस अधीक्षक (एसपी), सात पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी), 29 निरीक्षक और थाना प्रभारी, 92 उच्च अधीनस्थ अधिकारी और 340 कांस्टेबल शामिल हैं. इसके अलावा, एलीट फोर्स कमांडो के सात सेक्शन, रैपिड इमरजेंसी एंड सिक्योरिटी ऑपरेशंस (RESO) के 22 जवान और एंटी-रायट्स मैनेजमेंट विंग के करीब 400 कर्मियों को भी तैनात किया गया है.

‘तोशाखाना-2’ मामले में सजा 

शनिवार को एक अदालत ने ‘तोशाखाना-2’ भ्रष्टाचार मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल कैद की सजा सुनाई. 73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं. अप्रैल 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद से उनके खिलाफ कई आपराधिक और राजनीतिक मामले दर्ज किए गए हैं. इस विशेष मामले में आरोप है कि 2021 में सऊदी अरब सरकार से मिले राजकीय उपहारों के संबंध में दंपति ने नियमों का उल्लंघन करते हुए धोखाधड़ी की.

समर्थकों से आंदोलन की अपील 

फैसले के बाद इमरान खान की ओर से ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर आधी रात को एक बयान साझा किया गया. इस बयान के मुताबिक, अडियाला जेल में अपने वकीलों से बातचीत के दौरान खान ने समर्थकों से सजा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जेल में रहते हुए, सोशल मीडिया तक उनकी सीधी पहुंच न होने के कारण यह बयान उनके निजी अकाउंट से किसने पोस्ट किया.

देशव्यापी आंदोलन का संकेत 

अपने संदेश में खान ने कहा कि उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को सड़कों पर आंदोलन की तैयारी करने का निर्देश भेज दिया है. उन्होंने कहा, “पूरे देश को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना होगा.” खान ने आंदोलन को वैचारिक और आध्यात्मिक संघर्ष बताते हुए कहा, “संघर्ष ही इबादत है और मैं पाकिस्तान की वास्तविक आज़ादी के लिए शहादत को भी अपनाने के लिए तैयार हूं.”

फैसले पर सवाल और कानूनी चुनौती 

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ने कहा कि यह फैसला उनके लिए कोई आश्चर्यजनक नहीं है. उन्होंने अपनी कानूनी टीम से उच्च न्यायालय में अपील दायर करने को कहा. खान के अनुसार, “पिछले तीन वर्षों में मेरे खिलाफ दिए गए निराधार फैसलों की तरह ही तोशाखाना-2 का यह निर्णय भी बिना किसी ठोस सबूत और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किए, जल्दबाजी में सुनाया गया है.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अदालत ने उनकी कानूनी टीम की दलीलों को सुने बिना ही फैसला सुना दिया.

न्याय व्यवस्था और वकीलों से अपील 

खान ने ‘इंसाफ लॉयर्स फोरम’ और वकीलों के मोर्चे से आगे आकर कानून की सर्वोच्चता और संविधान की बहाली के लिए संघर्ष करने की अपील की. उनका कहना था कि केवल एक स्वतंत्र और निष्पक्ष न्याय प्रणाली ही जनता की रक्षा कर सकती है. इसके बिना न तो आर्थिक प्रगति संभव है और न ही नैतिक विकास.

सेना पर टिप्पणी और हिरासत को लेकर आरोप 

इमरान खान ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत के लिए सेना के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि “फौज मेरी है,” जिससे यह संकेत मिला कि वे सैन्य नेतृत्व की आलोचना करते हुए भी सेना का समर्थन अपने पक्ष में बनाए रखना चाहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और बुशरा बीबी को लगातार एकांत कारावास में रखकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.

जेल में कथित पाबंदियां 

खान ने दावा किया कि जेल में उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “हमारी किताबों, टीवी और मुलाकातों पर रोक लगा दी गई है. जेल में अन्य कैदी टीवी देख सकते हैं, लेकिन मेरे और बुशरा बीबी के लिए यह सुविधा भी प्रतिबंधित है.”

तोशाखाना क्या है? 

तोशाखाना, मंत्रिमंडल विभाग के अंतर्गत आने वाला वह विभाग है, जहां विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पाकिस्तान के शासकों और सरकारी अधिकारियों को दिए गए उपहार जमा किए जाते हैं. नियमों के अनुसार, इन उपहारों को निर्धारित प्रक्रिया और शर्तों के तहत बाद में वापस खरीदा जा सकता है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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