Pakistan Gilgit Rally AK47 Firing PoK: पाकिस्तान में चुनावी रैली में भी बंदूक की नुमाइश होती है. वो भी ऐसी वैसी नहीं एके-47 जैसा घातक हथियार की. पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव होने वाले हैं. इसी के मद्देनजर गिलगित के तांगीर इलाके में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) की चुनावी रैली हुई. इसी रैली के दौरान हुई फायरिंग की घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए. यह घटना आगामी गिलगित-बाल्टिस्तान विधान सभा चुनावों के प्रचार अभियान के दौरान हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है.
पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट Ary News के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि रैली के दौरान की गई हवाई फायरिंग में एक बच्चे को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक अन्य घायल ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा रैली में की गई हवाई फायरिंग के दौरान हुआ. पुलिस का कहना है कि एक प्रतिभागी के हाथ से AK-47 (कलाश्निकोव) राइफल फिसल गई, जिसके कारण अचानक गोलियां भीड़ की ओर चल गईं और यह दर्दनाक हादसा हो गया.
घटना का वीडियो वायरल
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और रैली में शामिल लोग मौके से भागने लगे. सोशल मीडिया पर इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि चलती रैली में वह व्यक्ति पहले राइफल को लोड करता है और फिर हवा में फायरिंग करता है. कुछ देर बाद उसके हाथ से रायफल फिसल जाती है और भीड़ के ऊपर ही गोलियां चलने लगती है.
इस दौरान अफरा-तफरी मचती दिख रही है. हालांकि, इस वीडियो को ध्यान से देखने पर पता लगता है कि केवल यही शख्स फायरिंग नहीं कर रहा था, पीछे से एक और रायफल से गोलियां चलने की आवाज आ रही है. पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था का क्या हाल है, यह इस घटना से साफ पता चल रहा है.
मंत्री ने सहायता राशि देने की घोषणा की
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद शहबाज शरीफ की सरकार मरहम लगाने में जुट गई है. पाकिस्तान की केंद्रीय सरकार में कश्मीर अफेयर्स के मंत्री अमीर मकाम ने पीड़ित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की है.
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गिलगित-बाल्टिस्तान कहां है?
गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के कब्जे वाला एक पहाड़ी इलाका है, जो हिमालय और काराकोरम पर्वतमाला के बीच स्थित है. इसे पाकिस्तान अपने कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर का हिस्सा मानता है. हालांकि, यह सदियों से भारत के लद्दाख का अभिन्न हिस्सा रहा है. इस क्षेत्र में 7 जून 2026 को विधानसभा चुनाव कराए जाने की तैयारी है, जिसमें 10 जिलों की 24 सीटों पर मतदान प्रस्तावित है. यह चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के लिए हो रहा है, जिसका कार्यकाल लगभग पांच वर्ष का होता है और इससे पहले चुनाव वर्ष 2020 में हुए थे.
भारत ने चुनावों को नकारा
गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अविभाज्य हिस्सा है, जो 1947 के विलय समझौते के आधार पर भारत में शामिल हुआ था. पाकिस्तान इस क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए है, इसलिए वहां किसी भी प्रकार की राजनीतिक या चुनावी प्रक्रिया को वह वैध नहीं मानता. इसी कारण भारत ने 7 जून 2026 को होने वाले इन चुनावों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और कहा है कि ऐसे कदम जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकते.
