पाकिस्तान के हो सकते हैं कई टुकड़े, भारत चाहे तो ले ले POK, अमेरिकी प्रोफेसर मुक्तदर ने ऐसा क्यों कहा

प्रोफेसर मुक्तदर खान ने कहा, पाकिस्तान के ऊपर फिलहाल छह संकट मंडरा रहे हैं. जिससे वह कई टुकड़ों में बंट सकता है. उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान इस समय राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा, सिस्टम, पहचान और पर्यावरण संकट से घिरा है. मुक्तदर ने कहा, इन्हीं संकटों के कारण पाकिस्तान के टुकड़े-टुकड़े हो सकते हैं.

पाकिस्तान इस समय कंगाली के दौर से गुजर रहा है. वहां के लोगों को खाने के लिए आटा नसीब नहीं हो रहा है. रिपोर्ट के अनुसार लोग 150 रुपये प्रति किलो आटा खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं. वहां के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इस बात को मान लिया है कि भारत के खिलाफ तीन युद्ध में पाकिस्तान पूरी तरह से बरबाद हो चुका है. आतंकवादियों को पनाह देने के मामले में पहले की दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका पाकिस्तान अब अपनी कंगाली को दुरुस्त करने के लिए कई देशों के सामने कटोरा फैला रहा है. इधर अमेरिकी प्रोफेसर ने बयान देकर पाक की चिंता और भी बढ़ा दी है. प्रोफेसर मुक्तदर ने भविष्यवाणी कर दी है कि 2023 में पाकिस्तान कई टुकड़ों में बंट सकता है.

पाकिस्तान के ऊपर मंडरा रहे छह संकट: प्रोफेसर मुक्तदर

डेलावेयर यूनिवर्सिटी में इस्लामिक स्टडीज प्रोग्राम के फाउंडिंग डायरेक्टर प्रोफेसर मुक्तदर खान ने कहा, पाकिस्तान के ऊपर फिलहाल छह संकट मंडरा रहे हैं. जिससे वह कई टुकड़ों में बंट सकता है. उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान इस समय राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा, सिस्टम, पहचान और पर्यावरण संकट से घिरा है. मुक्तदर ने कहा, इन्हीं संकटों के कारण पाकिस्तान के टुकड़े-टुकड़े हो सकते हैं.

भारत चाहे तो पाकिस्तान पर चढ़ाई कर वापस ले सकता है पीओके

अमेरिकी प्रोफेसर ने कहा, पाकिस्तान इस समय पूरी तरह से कंगाल हो चुका है. उसकी सारी संस्थाएं फेल हो चुकी हैं. वैसे में भारत चाहे तो मौके को देखते पाकिस्तान पर चढ़ाई कर पीओके को वापस अपने कब्जे में ले सकता है.

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प्रोफेसर ने विस्तार से बताया, क्यों पाकिस्तान के हो सकते हैं कई टुकड़े

अमेरिकी प्रोफेसर मुक्तदर ने विस्तार से बताया, आखिर पाकिस्तान के कई टुकड़े कैसे हो सकते हैं. उन्होंने कहा, पाकिस्तान इस समय गंभीर राजनीति संकट से गुजर रहा है. इमरान खान के सत्ता से हटने के बाद कभी भाषण दे रहे हैं, तो कभी मार्च कर रहे हैं. जिससे शाहबाज सरकार ठीक से चल नहीं पा रही है. उनका पूरा ध्यान इमरान पर है. उसी तरह आर्थिक मोर्चे पर भी पाकिस्तान पूरी तरह से फेल हो चुका है. विकास दर काफी कम है. विदेशी मुद्रा भंडार की कमी हो गयी है. निर्यात काफी कम है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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